रिवॉल्विंग चेयर पर बैठकर बड़ी स्क्रीन में जज के सामने फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते शख्स को देखकर आपको भी लगेगा कि शायद कोई बड़ा वकील अपने क्लाइंट के लिए बहस कर रहा है। वीडियो में वह कभी अंग्रेजी तो कभी हिंदी में कानूनी दलीलें देता नजर आता है। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो ने जबलपुर हाईकोर्ट का भी ध्यान खींचा, लेकिन जांच हुई तो कहानी कुछ और ही निकली। वह न वकील था और न ही किसी कोर्ट में बहस कर रहा था। लाइक और व्यू पाने के लिए उसने कमरे में ही फर्जी कोर्ट तैयार कर लिया था। कमरे में ऑफिस, सामने जज की स्क्रीन सिंगरौली के बैढ़न क्षेत्र के ग्राम पिपराझापी निवासी अमित तिवारी (27) ने अपने कमरे को ही ऑफिस जैसा बना रखा था। टेबल पर लैपटॉप, मोटी-मोटी कानून की किताबें और इंटरनेट डिवाइस रखी थीं। सामने बड़ी स्क्रीन पर हाईकोर्ट के जज और वकीलों के स्क्रीनशॉट लगाए गए थे। अमित रिवॉल्विंग चेयर पर बैठकर ऐसे बहस करता था, जैसे वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाईकोर्ट की सुनवाई में शामिल हो। करीब पांच मिनट के वीडियो में वह तेज आवाज में अंग्रेजी और हिंदी में कानूनी दलीलें देता दिखता है। वह कहता है कि उसका काम फ्रॉड या फर्जी चार्जशीट लगाने का नहीं है और शासन को उसके आदेश मानने होंगे। वीडियो देखकर किसी को भी पहली नजर में यह असली कोर्ट की कार्यवाही जैसा लग सकता था। दोस्तों से बनवाता था वीडियो पुलिस की जांच में सामने आया कि अमित ने लाइक, व्यू और दोस्तों के बीच अपनी धाक जमाने के लिए यह पूरा सेटअप तैयार किया था। वह अपने दोस्तों से ऐसे वीडियो बनवाता था। बाद में इनमें से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि वीडियो बनाने में उसके साथ कौन-कौन लोग शामिल थे। अमित ने कमरे में कानून की किताबें, लैपटॉप और इंटरनेट डिवाइस रखकर ऐसा माहौल बनाया था, जिससे देखने वालों को लगे कि वह हाईकोर्ट में ऑनलाइन सुनवाई में शामिल होकर बहस कर रहा है। जबकि पूरी कहानी फर्जी थी। खुद को हाईकोर्ट का बड़ा वकील बताता था अमित की पढ़ाई के दौरान कोर्ट में वकीलों को बहस करते देखने से उसे इस तरह के वीडियो बनाने का आइडिया आया। वह खुद भी एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन पढ़ाई पूरी नहीं हुई। इसके बाद वह दोस्तों के सामने खुद को हाईकोर्ट में बहस करने वाला वकील बताने लगा। गांव के लोग भी उसके वीडियो देखकर प्रभावित होते थे। 7 जुलाई 2026 को बनाए गए इसी तरह के एक वीडियो के दौरान गांव का एक बुजुर्ग अपनी बेटी के घरेलू विवाद को लेकर उसके पास पहुंचा था। अमित को हाईकोर्ट में बहस करते देखकर बुजुर्ग ने अपनी बेटी के मामले में याचिका दायर कराने की बात भी कही थी। एआई से बनाता था सोशल मीडिया कंटेंट पुलिस के मुताबिक अमित सोशल मीडिया के लिए स्क्रिप्ट और पोस्ट भी एआई की मदद से तैयार करता था। इसके बदले उसे मेहनताना मिलता था। सितंबर 2025 में भी एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में उत्तरप्रदेश के शक्तिनगर थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसे सिंगरौली से गिरफ्तार किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर खुली पोल वीडियो वायरल होने के बाद हाईकोर्ट ने जबलपुर पुलिस को जांच के निर्देश दिए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने जीरो पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान सिंगरौली के बैढ़न निवासी अमित तिवारी के रूप में हुई। इसके बाद डायरी सिंगरौली पुलिस को भेजी गई। बैढ़न पुलिस ने अमित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने उसके घर से लैपटॉप, सिस्टम और अन्य डिवाइस जब्त कर जांच के लिए लैब भेजे हैं। ये खबर भी पढ़ें… रेस्टोरेंट में युवती को चाकू से काटा, VIDEO मध्य प्रदेश के जबलपुर में महफिल रेस्टोरेंट में साथी युवक ने युवती मुस्कान चौधरी को चाकू मार दिया। 2 सेकंड में मुस्कान के पेट में 4 बार चाकू घोंपे। इसके बाद खून से लहूलुहान चाकू लेकर मौके पर खड़ा रहा। मुस्कान बचाओ-बचाओ बोलकर चीखती-चिल्लाती रही। चाकू लगने के बाद किचन में ही बेहोश होकर गिर गई।पूरी खबर पढ़ें

