दरभंगा में सावन की तीसरी सोमवारी पर जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में सुबह से ही शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही। रात करीब तीन बजे से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। सुबह प्रधान पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। श्रद्धालुओं ने चंद्रकूप से जल लेकर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाए गए अरघा में जल अर्पित किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर से सटे धर्मशाला परिसर में बांस-बल्ले से घुमावदार बैरिकेडिंग की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार बनाई गई थी। बड़ी संख्या में कांवरियां गंगाजल लेकर पहुंचे। कई शिवभक्त दंड प्रणाम करते हुए भी बाबा के दरबार तक पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका ‘हर-हर महादेव, बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। नेपाल समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चिकित्सा सुविधा, पुलिस बल, दंडाधिकारी और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। यातायात एवं भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग और वाहनों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए थे। सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बिरौल एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने सुबह कुशेश्वरस्थान मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग स्थल, पार्किंग क्षेत्र और शिवगंगा घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद समेत अन्य अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र का जायजा लेते रहे। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, खगड़िया धर्मशाला सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। विभिन्न स्थानों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। स्थानीय थाना, काली मंदिर के पास, असमा, पारो और शिव मंदिर के पूरब की ओर बैरिकेडिंग की गई थी। शिवगंगा पोखर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रही। जिले के अन्य शिवालयों में भी उमड़ी भीड़ सावन की तीसरी सोमवारी पर सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर, जाले के रतनपुर स्थित गंगेश्वरनाथ मंदिर, मनमा महादेव, केवटी के पिंडारूच गोपालपुर स्थित गंगधारेश्वर महादेव मंदिर, रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर समेत जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर में सुबह करीब 3:15 बजे पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सीसीटीवी, ड्रॉप गेट और महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी तैनात रही। जाले के मनमा महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यहां बाबा को मनोकामना लिंग के रूप में पूजा जाता है। मंदिर समिति की ओर से हरित सावन अभियान चलाया गया, जिसके तहत जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के बीच पौधे वितरित किए गए। भरवाड़ा के दिग्घी पोखर स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शाम को श्रृंगार पूजा, महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया। दरभंगा में सावन की तीसरी सोमवारी पर जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में सुबह से ही शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही। रात करीब तीन बजे से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। सुबह प्रधान पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। श्रद्धालुओं ने चंद्रकूप से जल लेकर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाए गए अरघा में जल अर्पित किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर से सटे धर्मशाला परिसर में बांस-बल्ले से घुमावदार बैरिकेडिंग की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार बनाई गई थी। बड़ी संख्या में कांवरियां गंगाजल लेकर पहुंचे। कई शिवभक्त दंड प्रणाम करते हुए भी बाबा के दरबार तक पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका ‘हर-हर महादेव, बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। नेपाल समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चिकित्सा सुविधा, पुलिस बल, दंडाधिकारी और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। यातायात एवं भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग और वाहनों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए थे। सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बिरौल एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने सुबह कुशेश्वरस्थान मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग स्थल, पार्किंग क्षेत्र और शिवगंगा घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद समेत अन्य अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र का जायजा लेते रहे। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, खगड़िया धर्मशाला सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। विभिन्न स्थानों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। स्थानीय थाना, काली मंदिर के पास, असमा, पारो और शिव मंदिर के पूरब की ओर बैरिकेडिंग की गई थी। शिवगंगा पोखर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रही। जिले के अन्य शिवालयों में भी उमड़ी भीड़ सावन की तीसरी सोमवारी पर सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर, जाले के रतनपुर स्थित गंगेश्वरनाथ मंदिर, मनमा महादेव, केवटी के पिंडारूच गोपालपुर स्थित गंगधारेश्वर महादेव मंदिर, रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर समेत जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर में सुबह करीब 3:15 बजे पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सीसीटीवी, ड्रॉप गेट और महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी तैनात रही। जाले के मनमा महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यहां बाबा को मनोकामना लिंग के रूप में पूजा जाता है। मंदिर समिति की ओर से हरित सावन अभियान चलाया गया, जिसके तहत जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के बीच पौधे वितरित किए गए। भरवाड़ा के दिग्घी पोखर स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शाम को श्रृंगार पूजा, महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया।

