हजारीबाग जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर टाटीझरिया प्रखंड में सिझुआ झरना है। जंगल, पहाड़ और नदी के बीच स्थित यह झरना प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है। मानसून के बाद इसका नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। पहाड़ों से करीब 60 मीटर से ज्यादा ऊंचाई से पानी नीचे गिरता है। इसकी प्राकृतिक सुंदरता किसी विकसित पर्यटन स्थल से कम नहीं, पर सुविधाओं की कमी के कारण यह अभी तक पहचान नहीं बना पाया है। बारिश में यह रास्ता मुश्किल हो जाता है झरने तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर कच्चा रास्ता है, जिसके बाद एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। बारिश में यह रास्ता मुश्किल हो जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी होती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सिझुआ झरने तक बेहतर सड़क, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं मांगी हैं। उनका मानना है कि इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, रोजगार मिलेगा और यह झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है।

