Ashish Banerjee Birbhum: पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर और टीएमसी नेता आशीष बनर्जी की मौत पर पार्टी नेताओं ने दुख जताया। उनके अंतिम नोट को लेकर बदनाम करने के कथित अभियान पर सवाल उठे हैं। बीजेपी ने मामले की पुलिस जांच की बात कही। आशीष बनर्जी पांच बार विधायक और ममता बनर्जी के करीबी थे।
Ashish Banerjee Death West Bengal: पश्चिम बंगाल के पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की मौत मामले में अब टीएमसी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने उनके निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि आशीष बनर्जी का दुखद निधन केवल बेहद हृदयविदारक घटना ही नहीं है, बल्कि यह उन सभी लोगों की अंतरात्मा को झकझोरना चाहिए, जो मानते हैं कि राजनीति और पत्रकारिता की भी कुछ मर्यादाएँ और सीमाएँ होनी चाहिए।
टीएमसी सांसद ने कहा कि उनके अंतिम नोट ने उस लगातार चलाए गए कथित बदनाम करने के अभियान को लेकर गंभीर और चिंताजनक सवाल खड़े किए हैं, जिसका उन्होंने सामना करने की बात कही थी। बीजेपी और मीडिया के कुछ वर्गों को उस राजनीति के परिणामों पर आत्ममंथन करना चाहिए, जिसमें आरोपों को लगातार बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है, लोगों की प्रतिष्ठा को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है और सच्चाई सामने आने से पहले ही जनमत की अदालत में किसी व्यक्ति को दोषी ठहरा दिया जाता है।
वहीं टीएमसी सांसद समीरुल इस्लाम ने कहा कि आशीष बीरभूम के सबसे ईमानदार और अत्यंत शिक्षित व्यक्तियों में से एक थे। उनसे प्रेरित होकर कई लोग राजनीति में आए। उनके अंतिम पत्र के अनुसार, संभवतः विपक्षी दल द्वारा उनके नाम और प्रतिष्ठा को बदनाम किया गया था। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
बता दें कि फिलहाल पुलिस आशीष बनर्जी के मौत के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बीजेपी ने क्या कहा?
आशीष बनर्जी की मौत पर बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की पुलिस जांच करेगी। टीएमसी में सभी लोग खराब नहीं है। शायद 0.00001% अच्छे लोग अब भी वहां हैं, जो बोल नहीं सके और विरोध नहीं कर सके।
कौन थे आशीष बनर्जी?
आशीष बनर्जी की गिनती ममता बनर्जी के करीबियों में होती थी। वे रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक चुने गए और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रहे। राजनीति के साथ वे रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में भी कार्यरत रहे। पिछले विधानसभा चुनाव में आशीष बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा था।


