प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश का असर अब गंगा और यमुना के जलस्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। शनिवार शाम 8 बजे की बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में यमुना के नैनी में 96 सेंटीमीटर, गंगा के छतनाग में 82 सेंटीमीटर और फाफामऊ में 39 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। इसके बावजूद तीनों नदियां अभी खतरे के निशान 84.734 मीटर से काफी नीचे बह रही हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं। नैनी और छतनाग में तेजी से बढ़ा पानी शुक्रवार शाम 8 बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 76.20 मीटर था, जो शनिवार शाम बढ़कर 77.16 मीटर पहुंच गया। यानी 24 घंटे में 96 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। इसी तरह फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 78.60 मीटर से बढ़कर 78.99 मीटर हो गया। यहां 39 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। छतनाग में गंगा का जलस्तर शुक्रवार शाम 75.84 मीटर था, जो शनिवार शाम बढ़कर 76.66 मीटर पहुंच गया। यहां भी 24 घंटे में 82 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। लगातार बढ़ रहा नदियों का जलस्तर बारिश के बीच गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। शनिवार शाम 8 बजे नैनी में यमुना 77.16 मीटर, फाफामऊ में गंगा 78.99 मीटर और छतनाग में गंगा 76.66 मीटर पर पहुंच गई। तीनों स्थानों पर पिछले चार घंटे में भी जलस्तर बढ़ने की जानकारी दर्ज की गई है। खतरे के निशान से अभी काफी नीचे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बावजूद फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। गंगा और यमुना का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। इसके मुकाबले शनिवार शाम नैनी में यमुना करीब 7.57 मीटर, फाफामऊ में गंगा 5.74 मीटर और छतनाग में गंगा 8.07 मीटर नीचे बह रही थी। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार सभी तटबंध सुरक्षित हैं। प्रशासन की ओर से गंगा और यमुना के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश को देखते हुए आने वाले समय में जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की संभावना बनी हुई है।


