समाजवादी पार्टी (सपा) ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने उसके खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। शुक्रवार को सपा कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा ने चुनाव आयोग पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वोटर लिस्ट का सही होना और वोट देने का अधिकार बहुत जरूरी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मनमानी का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। सपा ने इन नामों को तुरंत वापस जोड़ने की मांग की।
उन्होंने कहाकि एक-एक जगह 10-10 लोगों के वोट हैं, 5-5 लोगों के वोट हैं, एक-एक व्यक्ति का तीन-तीन जगह वोट है। इसका भी सबूत हम आपको देंगे।
इन्होंने एसआईआर में जो घपला किया है, वही ये दोबारा से करने को तैयार हैं। यह वोट की चोरी करने और मतदाताओं को गुमराह करने के रूप में काम कर रहे हैं।
इन्होंने 1 महीने का टाइम दिया था कि 1 महीने के अंदर हम आपको वोटर लिस्ट नई बनाकर दे देंगे। लेकिन आज तक इन्होंने हमको वोटर लिस्ट नहीं दी। हमने राज्य निर्वाचन आयोग तक भी खबर पहुंचा दी कि इन्होंने वोटर लिस्ट हमको नहीं दी है। चंदा चोरी तो करते ही हैं, ये वोट चोरी भी कर रहे हैं। सपा महानगर अध्यक्ष ने कहाकि सपा ने 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ पखवाड़ा’ मनाने का ऐलान किया है। इस दौरान पार्टी और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ कार्यक्रम करेंगे। सपा राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग भी करेगी। ये हैं मुख्य मांग
मतदाता सूची की निष्पक्षता और पारदर्शिता होनी चाहिए।
मतदाता सूची में संशोधन की पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए।
नए और छूटे हुए मतदाताओं का पंजीकरण होना चाहिए।
निर्वाचन अधिकारियों की निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मतदाताओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी जानी चाहिए।

