लखनऊ के मदरसों में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस धूमधाम और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। गोमती तट स्थित दारुल उलूम नदवतुल उलमा में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुआ। संस्थान के प्रिंसिपल मौलाना अब्दुल अज़ीज भटकली नदवी ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान मदरसे के शिक्षक, छात्र और अन्य लोग मौजूद रहे। नई पीढ़ी को एकता का संदेश ध्वजारोहण के बाद आयोजित सभा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के बलिदान को याद किया गया। वक्ताओं ने देश की आजादी के लिए दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए नई पीढ़ी से देश की एकता और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। इस दौरान छात्रों को अधिक से अधिक देश के शहीदों पर आधारित किताबें पढ़ने पर जोर दिया गया। ‘देश कि आजादी में उलमा का योगदान अहम’ मौलाना फ़रमान नदवी ने कहा कि देश की आजादी की असल बुनियाद 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और उससे पहले हुए आंदोलनों से रखी गई थी। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में उलेमा-ए-किराम समेत देशवासियों के योगदान और असीम कुर्बानियों को याद किया।उन्होंने ब्रिगेडियर उस्मान और परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस और शहादत का विशेष रूप से जिक्र किया। देश कि तरक्की के लिए हुई दुआ मौलाना अब्दुल अज़ीज ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा दौर में हर तरह के भेदभाव और साम्राज्यवादी मानसिकता से मुक्ति जरूरी है। उन्होंने देश में न्याय और समानता स्थापित करने पर जोर दिया।समारोह के अंत में मौलाना ने देश की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की।


