किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सर्वर की समस्या शुक्रवार को एक बार फिर मरीजों और तीमारदारों पर भारी पड़ी। दिल्ली स्थित एनआईसी के सर्वर में सोमवार से बनी तकनीकी दिक्कत का सीधा असर संस्थान की सेवाओं पर पड़ रहा है। शुक्रवार सुबह सर्वर ठप होते ही OPD में पंजीकरण व्यवस्था चरमरा गई। सुबह आठ बजे से पर्चा बनवाने के लिए कतार में खड़े मरीज घंटों अपनी बारी का इंतजार करते रहे। देखते ही देखते OPD भवन के बाहर तक मरीजों की लंबी लाइन लग गई। दर्द से कराहते मरीजों के साथ बुजुर्ग तीमारदार भी घंटों परेशान रहे। सबसे ज्यादा मुश्किल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को उठानी पड़ी। सर्वर बंद होने से खून के नमूने जमा करने के साथ ही पूर्व में हुई जांचों की रिपोर्ट हासिल करने में भी अड़चन आई। मरीजों की बढ़ी मुश्किल ट्रॉमा सेंटर में रोजाना करीब 100 से 150 गंभीर मरीज भर्ती होते हैं। इनके रक्त के नमूने ट्रॉमा सेंटर स्थित काउंटर पर जमा किए जाते हैं। इसके अलावा विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के सैंपल भी यहीं लिए जाते हैं और जांच रिपोर्ट भी यहीं से उपलब्ध होती है। शुक्रवार को सर्वर ठप रहने से न तो कई नमूने समय पर जमा हो सके और न ही पुरानी जांच रिपोर्ट मिल सकी। इससे डॉक्टरों के लिए मरीजों के इलाज की आगे की दिशा तय करना भी मुश्किल हुआ। सर्वर पर निर्भरता कम करने पर जोर KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सर्वर की समस्या कई दिनों से लगातार बनी हुई है। समस्या को देखते हुए संस्थान में कियोस्क मशीनें लगाई जाएंगी, ताकि मरीजों और तीमारदारों को राहत मिल सके। कियोस्क व्यवस्था शुरू होने के बाद पंजीकरण समेत कई सेवाओं के लिए सर्वर पर निर्भरता कम होगी।


