सीतापुर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे सीतापुर में भावपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। कलेक्ट्रेट परिसर से आंख अस्पताल रोड तक पैदल यात्रा निकली। यात्रा में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले असंख्य लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। कैंडल मार्च में कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष सीतापुर नेहा अवस्थी, सीडीओ डॉ. दीक्षा जोशी, एडीएम आयुष चौधरी सहित जिला स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए। कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू हुआ मार्च शांतिपूर्ण ढंग से आंख अस्पताल रोड तक पहुंचा। प्रतिभागियों ने मोमबत्तियां जलाकर विभाजन के दौरान अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को नमन किया। यात्रा के दौरान एकता में शक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। आंख अस्पताल स्थित वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों ने नमन करते हुए मोमबत्तियां लगाईं। इस दौरान लोगों ने विभाजन के दौरान विस्थापन और पीड़ा झेलने वाले परिवारों के संघर्ष एवं साहस को भी याद किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि विभाजन विभीषिका को याद करने का उद्देश्य केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को इतिहास के इस दुखद अध्याय से परिचित कराना भी है। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी से सीख लेते हुए देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना सभी की जिम्मेदारी है। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि देते हुए देश में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया। समापन पर प्रतिभागियों ने संदेश दिया कि राष्ट्र की एकता और अखंडता सर्वोपरि है और आपसी सहयोग एवं सामाजिक सौहार्द से ही मजबूत और शांतिपूर्ण राष्ट्र का निर्माण संभव है।


