पठानकोट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण और हवन कराए जाने के विरोध में किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व विधायक अमित विज ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी भी की। पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व विधायक अमित विज ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये संगठन संविधान की भावना के विपरीत राजनीति कर रहे हैं। विज ने मल्लिकार्जुन खरगे जैसे वरिष्ठ दलित नेता के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय” बताया। आरएसएस पर समाज को विभाजित करने का आरोप विज ने आगे कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान किए हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की “कथित मनुवादी सोच” समाज को विभाजित करने का काम कर रही है। विज ने यह भी दावा किया कि किसान, व्यापारी, युवा और महिलाएं सहित समाज का हर वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान है। पूर्व विधायक ने देश की आर्थिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। विज के अनुसार, विकास, रोजगार और अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, समाज में विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष से माफी मांगने का आरोप प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और दलित समाज से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं ने कथित शुद्धिकरण की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।


