संभल में पुलिस परिवार परामर्श एवं सुलह-समझौता केंद्र की बैठक बुधवार को चंदौसी स्थित गौशाला रोड पिंक चौकी में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पति-पत्नी और परिवारों के बीच चल रहे विवादों को काउंसलिंग और आपसी सहमति के जरिए सुलझाना था। बैठक में कुल 44 मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें 9 मामलों का निस्तारण किया गया। आमने-सामने बैठाकर सुनी गई दोनों पक्षों की बात बैठक की अध्यक्षता परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी एवं महिला थाना प्रभारी डॉ. रुकम पाल सिंह ने की। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं। काउंसलरों ने सकारात्मक माहौल में बातचीत कर पति-पत्नी के बीच चल रहे विवादों को खत्म करने और रिश्तों में आई दूरियां कम करने का प्रयास किया। यह बैठक पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) मनोज रावत और क्षेत्राधिकारी बहजोई स्तुति सिंह के निर्देशन में आयोजित की गई।
3 बिछड़े परिवारों को फिर मिलाया परामर्श केंद्र की काउंसलिंग के दौरान तीन बिछड़े परिवारों को आपसी सहमति से दोबारा मिलाने में सफलता मिली। दोनों पक्षों की सहमति के बाद उन्होंने साथ रहने पर सहमति जताई। इससे उनके वैवाहिक जीवन को दोबारा शुरू करने का अवसर मिला। बैठक में पांच मामलों को आवेदकों द्वारा पैरवी नहीं करने अथवा अन्य कारणों से बंद कर दिया गया। वहीं, एक मामले में विधिक कार्रवाई किए जाने की संस्तुति की गई। न्यायालय जाने से पहले विवाद सुलझाने का प्रयास पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य छोटे-छोटे पारिवारिक विवादों को न्यायालय तक पहुंचने से पहले बातचीत और आपसी समझौते के जरिए सुलझाना है। इससे परिवारों को टूटने से बचाने के साथ समाज में सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलती है। केंद्र में प्रशिक्षित काउंसलर दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष तरीके से समाधान निकालने का प्रयास करते हैं। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह की बैठकों के जरिए पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराने का प्रयास जारी रहेगा। बैठक में काउंसलर श्वेता गुप्ता, पूनम अरोड़ा, सब-इंस्पेक्टर महेश गंगवार, रेनू राठी, हेड कांस्टेबल मनोहर सिंह और रुचि समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


