झांसी के सीपरी बाजार स्थित सब्जी मंडी में मंगलवार को नगर निगम की कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हो गया। प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए जमीन खाली कराने नगर निगम का दस्ता बुलडोजर लेकर पहुंचा। अपर नगर आयुक्त राहुल यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। टीम ने जैसे ही दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की, दुकानदारों ने इसका विरोध कर दिया। कई दुकानदार बुलडोजर के सामने लेट गए और किसी भी कीमत पर दुकान नहीं गिराने देने की बात कही। दुकानदारों के विरोध के बीच नगर निगम की टीम ने कार्रवाई जारी रखी। इसी दौरान बुलडोजर से एक दुकान को ढहा दिया गया। दुकान गिरते ही मौके पर मौजूद दुकानदारों का विरोध और तेज हो गया। बड़ी संख्या में दुकानदार एकजुट होकर कार्रवाई का विरोध करने लगे। पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन दुकानदार अपनी मांग पर अड़े रहे। बुलडोजर के आगे लेटकर कार्रवाई रोकने की कोशिश
नगर निगम की टीम के पहुंचते ही कई दुकानदार बुलडोजर के सामने लेट गए। उनका कहना था कि वे लंबे समय से यहां दुकानें चला रहे हैं। इन दुकानों से ही उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है। दुकानदारों का आरोप है कि नगर निगम को लंबे समय से किराया भी दिया जा रहा है, इसके बावजूद अब उन्हें दुकानें खाली करने के लिए कहा जा रहा है। दुकानदारों ने कहा कि बिना उनकी समस्या का समाधान किए दुकानें गिराना उचित नहीं है। विरोध के दौरान महिला की बिगड़ी तबीयत कार्रवाई के विरोध के दौरान महिला दुकानदार विनीता की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसकी हालत खराब होने पर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद विनीता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कराया गया है। महिला की तबीयत बिगड़ने के बाद दुकानदारों का विरोध और बढ़ गया। विरोध बढ़ा तो नगर निगम का दस्ता लौटा लगातार बढ़ते विरोध और मौके पर बिगड़ती स्थिति को देखते हुए नगर निगम के दस्ते ने कार्रवाई रोक दी। इसके बाद टीम मौके से वापस लौट गई। हालांकि, इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। दुकानदारों के विरोध के चलते मंडी में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। लंबे समय से नगर निगम और दुकानदारों में चल रहा विवाद
सीपरी बाजार सब्जी मंडी की दुकानों को लेकर नगर निगम और दुकानदारों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। नगर निगम की ओर से यहां प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए जमीन खाली कराने की कवायद की जा रही है। इसके लिए मंडी की दुकानों को हटाया जाना है। वहीं, दुकानदार अपनी दुकानें खाली करने का विरोध कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से इन दुकानों में कारोबार किया है और नगर निगम को किराया भी देते रहे हैं। ऐसे में अचानक दुकानें हटाए जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। मंगलवार को कार्रवाई के दौरान हुए विरोध के बाद नगर निगम का दस्ता दो दिन का अल्टीमेटम देकर वापस लौट गया।


