मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के चंदिया स्थित बेसहनी कैप में खुले में रखी धान की बोरियां बारिश के पानी से प्रभावित हो रही हैं। कई जगह तिरपाल फटी होने के कारण पानी बोरियों तक पहुंच रहा है। इससे कई बोरियों में धान के अंकुर निकलने लगे हैं। बारिश के मौसम में धान के रखरखाव को लेकर अब भंडारण व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, चंदिया बेसहनी कैप की भंडारण क्षमता करीब 10,800 मीट्रिक टन है। यहां धान की बोरियों को अलग-अलग स्टेक में रखा गया है। बारिश से बचाव के लिए इन स्टेक को तिरपाल से ढका गया है, लेकिन कई स्थानों पर तिरपाल फटी हुई है। इसके कारण बारिश का पानी सीधे धान की बोरियों तक पहुंच रहा है। पानी पहुंचने से धान में शुरू हुआ अंकुरण बोरियों में नमी बढ़ने के कारण कई जगह धान में अंकुरण शुरू हो गया है। यदि धान लंबे समय तक पानी और नमी के संपर्क में रहती है तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। बारिश जारी रहने पर खुले में रखे अनाज को नुकसान बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। धान को सुरक्षित रखने के लिए कैप में तिरपाल की व्यवस्था की गई है, लेकिन कई स्टेक में तिरपाल फटी हुई दिखाई दे रही है। बारिश के मौसम में तिरपाल की नियमित जांच और खराब हिस्सों की मरम्मत या बदलाव जरूरी माना जाता है। प्रबंधन से नहीं मिला जवाब मामले को लेकर जिला प्रबंधक लक्ष्मी मरावी से फोन पर संपर्क कर फटी तिरपाल और धान के प्रभावित होने के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन अटेंड नहीं किया। ऐसे में धान के नुकसान की वास्तविक मात्रा और तिरपाल की मरम्मत को लेकर विभाग का पक्ष सामने नहीं आ सका।

