सावन के अंतिम सोमवार को काशी में मौसम ने अचानक करवट ली। सोमवार रात महज एक घंटे में करीब 50 मिलीमीटर बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। रात करीब 9 से 10 बजे के बीच हुई ताबड़तोड़ बारिश के साथ तेज बिजली चमकने और बादलों की जोरदार गरज से लोग सहम गए। करीब 20 मिनट की तेज बारिश में ही कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया। इसके बाद देर रात तक कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश का दौर जारी रहा। पहले तीन तस्वीर देखें… शहर के कैंट, सुंदरपुर, लहरतारा, मंडुआडीह, चांदपुर और रथयात्रा समेत कई इलाकों में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई और लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन पानी के बीच से गुजरते नजर आए। हालांकि रोहनिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शहर की तुलना में बारिश की तीव्रता कम रही और वहां जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनी। काशी के ऊपर से गुजर रही मानसूनी द्रोणी यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी द्रोणी का पूर्वी छोर काशी और पूर्वांचल के ऊपर से गुजर रहा है। प्रदेश से निम्न दबाव क्षेत्र तक जा रही इस द्रोणी के कारण उत्तर प्रदेश में मानसूनी सक्रियता बढ़ी है। अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में पछुआ हवाओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इससे बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। शाम छह बजे से बनने लगा था बारिश का माहौल सोमवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। कभी धूप निकली तो कभी आसमान में बादल छा गए। हालांकि शाम करीब छह बजे के बाद से ही बारिश का माहौल बनने लगा था। रात होते-होते बादलों की आवाजाही बढ़ गई और करीब नौ बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रात 9 से 10 बजे के बीच हुई बारिश इतनी तेज थी कि शहर की सड़कों पर महज 20 मिनट के भीतर पानी जमा होने लगा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति दिखाई दी। बारिश थमने के बाद भी कई स्थानों पर पानी जमा रहा, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश से पांच डिग्री गिरा पारा तेज बारिश का सीधा असर तापमान पर भी पड़ा। रात करीब 10 बजे के बाद तापमान लगभग पांच डिग्री तक नीचे आ गया। बारिश से पहले जहां पारा करीब 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, वहीं रात 10 बजे के बाद यह घटकर करीब 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। सोमवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने सोमवार को बारिश को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया था। मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना जताई है। 12 उड़ानें हुईं लेट, बंगलूरू की फ्लाइट सबसे ज्यादा प्रभावित खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। सोमवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कुल 12 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इनमें दिल्ली की छह, मुंबई की चार और बंगलूरू की दो उड़ानें शामिल रहीं। दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली रूट की छह उड़ानों में एअर इंडिया की दो उड़ानें 44 मिनट की देरी से आईं और रवाना हुईं। इंडिगो की दो उड़ानें 53 मिनट और दो अन्य उड़ानें 25 मिनट की देरी से संचालित हुईं। मुंबई रूट की चार उड़ानों में अकासा एयर की दो उड़ानें 36 मिनट और दो अन्य उड़ानें करीब एक घंटे तीन मिनट की देरी से आईं और रवाना हुईं। वहीं बंगलूरू से वाराणसी आने-जाने वाली दोनों उड़ानें सबसे अधिक प्रभावित रहीं। दोनों उड़ानें करीब 2 घंटे 8 मिनट की देरी से संचालित हुईं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के कारण उड़ानों के समय में बदलाव और देरी की सूचना यात्रियों को पहले ही दे दी गई थी।

