लोकसभा चुनाव में 85 वर्ष से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों, गंभीर बीमारी से ग्रसित मतदाताओं और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान की सुविधा मिली थी। हालांकि राजस्थान में होने वाले आगामी निकाय चुनाव में यह सुविधा नहीं मिलेगी। जयपुर नगर निगम चुनाव में बुज़ुर्ग मतदाताओं को मतदान केंद्र पर पहुंचकर ही वोट डालना होगा। जिला निर्वाचन विभाग की ओर से इनके लिए होम वोटिंग की अलग व्यवस्था नहीं की जाएगी। जयपुर नगर निगम के 150 वॉर्डों में 3.73 लाख मतदाता 60 उम्र पार हैं। इनमें करीब 18 हज़ार मतदाता ऐसे हैं जिनकी उम्र 85 वर्ष से ज़्यादा हैं।
पुरुष बुजुर्ग मतदाता 1.88 लाख
जयपुर नगर निगम में कुल 3 लाख 73 हज़ार 28 बुज़ुर्ग मतदाता हैं। पुरुष बुज़ुर्ग मतदाताओं की संख्या 1 लाख 88 हजार 400 और महिला बुज़ुर्ग मतदाताओं की संख्या 1 लाख 84 हजार 628 है। यानी कुल मतदाताओं में बुज़ुर्गों की संख्या भी चुनावी लिहाज से बड़ा वोट बैंक है।
वॉर्ड 90 में सबसे ज़्यादा, वॉर्ड 93 में सबसे कम
वॉर्डवार आंकड़ों में बुज़ुर्ग मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर सामने आया है। वॉर्ड 90 में सबसे ज़्यादा 5,124 बुजुर्ग मतदाता हैं। इसके बाद वॉर्ड 100 में 4,219, वॉर्ड 99 में 4,216 और वॉर्ड 101 में 4,022 बुज़ुर्ग मतदाता हैं। 3 हज़ार से ज़्यादा बुज़ुर्ग मतदाताओं वाले 38 वॉर्ड हैं। इसके उलट वॉर्ड 93 में सबसे कम सिर्फ 815 बुज़ुर्ग मतदाता हैं।
औसतन हर वॉर्ड में 2,487 बुजुर्ग
बुज़ुर्ग मतदाताओं का औसत करीब 2,487 प्रति वॉर्ड है। यानी कई वॉर्ड ऐसे हैं जहाँ बुज़ुर्ग मतदाताओं की संख्या औसत से काफी ज़्यादा है। ऐसे वॉर्ड में मतदान के दिन बूथ तक पहुंचने की सुविधा और परिवहन महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। घर से ही वोट देने की सुविधा बुज़ुर्गों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती थी। हालांकि ऐसा नहीं होने से बुज़ुर्गों को वोट डालने के लिए पोलिंग बूथ जाना होना। इससे उन्हें काफी असुविधा भी हो सकती है।

