देवघर में स्कूलों को निशाना बना रहे चोर:एक महीने में 35-40 संस्थानों में चोरी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, सुरक्षा कड़ी करने की तैयारी

देवघर में स्कूलों को निशाना बना रहे चोर:एक महीने में 35-40 संस्थानों में चोरी; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, सुरक्षा कड़ी करने की तैयारी

देवघर जिले में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले एक महीने के भीतर ही दर्जनों विद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों को चोरों ने निशाना बनाया है, जिससे शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच करीब 35 से 40 स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि शैक्षणिक माहौल को भी प्रभावित किया है। निगरानी के अभाव में आसान टारगेट बन रहे स्कूल जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों में नियमित निगरानी की कमी और सीमित स्टाफ की उपस्थिति चोरों के लिए आसान अवसर साबित हो रही है। जसीडीह स्थित टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज भी हाल ही में चोरी का शिकार बना है। जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि कई संस्थानों में सुरक्षा गार्ड या दरबान की व्यवस्था नहीं है। प्रशिक्षण या कक्षाओं के दौरान ही शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाजाही होती है, जबकि अन्य समय परिसर लगभग खाली रहता है। यही वजह है कि चोर आसानी से स्कूल परिसरों में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पहाड़पुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अनची देवी विद्यालय और नवादा उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहित कई संस्थान इस समस्या से प्रभावित हैं। मिड-डे मील से लेकर कंप्यूटर तक की चोरी चोरों ने मध्याह्न भोजन योजना का सामान, कंप्यूटर लैब के सीपीयू, एलईडी स्क्रीन, पुस्तकें और कॉपियां तक नहीं छोड़ी हैं। इन घटनाओं के कारण स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं और छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि इस गंभीर समस्या को देखते हुए पुलिस अधिकारियों से समन्वय कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल की जा रही है। जल्द ही स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में होमगार्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की योजना है। देवघर जिले में स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में चोरी की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले एक महीने के भीतर ही दर्जनों विद्यालयों और प्रशिक्षण संस्थानों को चोरों ने निशाना बनाया है, जिससे शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच करीब 35 से 40 स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इन घटनाओं ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि शैक्षणिक माहौल को भी प्रभावित किया है। निगरानी के अभाव में आसान टारगेट बन रहे स्कूल जानकारी के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों में नियमित निगरानी की कमी और सीमित स्टाफ की उपस्थिति चोरों के लिए आसान अवसर साबित हो रही है। जसीडीह स्थित टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज भी हाल ही में चोरी का शिकार बना है। जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि कई संस्थानों में सुरक्षा गार्ड या दरबान की व्यवस्था नहीं है। प्रशिक्षण या कक्षाओं के दौरान ही शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाजाही होती है, जबकि अन्य समय परिसर लगभग खाली रहता है। यही वजह है कि चोर आसानी से स्कूल परिसरों में घुसकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पहाड़पुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय, अनची देवी विद्यालय और नवादा उत्क्रमित मध्य विद्यालय सहित कई संस्थान इस समस्या से प्रभावित हैं। मिड-डे मील से लेकर कंप्यूटर तक की चोरी चोरों ने मध्याह्न भोजन योजना का सामान, कंप्यूटर लैब के सीपीयू, एलईडी स्क्रीन, पुस्तकें और कॉपियां तक नहीं छोड़ी हैं। इन घटनाओं के कारण स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हो रही हैं और छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। जिला शिक्षा अधीक्षक ने बताया कि इस गंभीर समस्या को देखते हुए पुलिस अधिकारियों से समन्वय कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में पहल की जा रही है। जल्द ही स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में होमगार्ड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की योजना है।  

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