नवादा के रसूल नगर निवासी तौसीफ रसूल का चयन भारतीय हैंडबॉल टीम में हो गया है। वह बांग्लादेश के ढाका में 10 से 14 जून 2026 तक आयोजित होने वाली जूनियर एशियन ट्रॉफी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। नवादा जिले के वरीय हैंडबॉल कोच एवं शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि एक महीने पहले इस प्रतियोगिता के लिए संभावित टीम का चयन किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ और कोलकाता में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, जहाँ तौसीफ का अंतिम चयन हुआ। यह तौसीफ रसूल की दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। उन्होंने अपने खेल की शुरुआत नवादा के हरिशचंद्र स्टेडियम से की थी। इसके बाद उन्होंने पटना के एकलव्य ट्रेनिंग सेंटर और फिर साईं इंडिया, गुजरात में प्रशिक्षण प्राप्त किया। दो साल पहले, उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय सेना ने उन्हें सीधे हवलदार के पद पर नियुक्त किया था। वह वर्तमान में भारतीय सेना की टीम से हैंडबॉल खेलते हैं और बिहार का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। तौसीफ रसूल भारतीय हैंडबॉल टीम के सबसे लंबे कद के खिलाड़ी हैं। तौसीफ ने बचपन से ही हैंडबॉल को चुना और हरिशचंद्र स्टेडियम, नवादा में लगातार पांच वर्षों तक प्रशिक्षण लिया। उन्होंने जिले को कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक दिलाए हैं। अब भारतीय टीम में शामिल होकर उनसे देश के लिए पदक जीतने की प्रबल संभावना है। उनके इस चयन पर नवादा ही नहीं, पूरे बिहार हैंडबॉल परिवार में खुशी का माहौल है। जिले के हैंडबॉल गुरु के.एम. प्रेमदासा, शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संजीव कुमार, नीरज कुमार, कनक कुमार, खुशबू कुमारी, तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी श्याम सुंदर कुमार, अमन कुमार, प्रभात कुमार, विक्रम कुमार, कुंदन कुमार, पूजा कुमारी, सोनू कुमार, सपना कुमारी, ज्योति कुमारी, अनुराधा कुमारी, निधि सिंह और विंध्यवासिनी शर्मा सहित कई अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है और प्रतियोगिता में पदक जीतकर लौटने की शुभकामनाएं दी हैं। नवादा के रसूल नगर निवासी तौसीफ रसूल का चयन भारतीय हैंडबॉल टीम में हो गया है। वह बांग्लादेश के ढाका में 10 से 14 जून 2026 तक आयोजित होने वाली जूनियर एशियन ट्रॉफी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। नवादा जिले के वरीय हैंडबॉल कोच एवं शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि एक महीने पहले इस प्रतियोगिता के लिए संभावित टीम का चयन किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ और कोलकाता में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, जहाँ तौसीफ का अंतिम चयन हुआ। यह तौसीफ रसूल की दूसरी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। उन्होंने अपने खेल की शुरुआत नवादा के हरिशचंद्र स्टेडियम से की थी। इसके बाद उन्होंने पटना के एकलव्य ट्रेनिंग सेंटर और फिर साईं इंडिया, गुजरात में प्रशिक्षण प्राप्त किया। दो साल पहले, उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन को देखते हुए भारतीय सेना ने उन्हें सीधे हवलदार के पद पर नियुक्त किया था। वह वर्तमान में भारतीय सेना की टीम से हैंडबॉल खेलते हैं और बिहार का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। तौसीफ रसूल भारतीय हैंडबॉल टीम के सबसे लंबे कद के खिलाड़ी हैं। तौसीफ ने बचपन से ही हैंडबॉल को चुना और हरिशचंद्र स्टेडियम, नवादा में लगातार पांच वर्षों तक प्रशिक्षण लिया। उन्होंने जिले को कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक दिलाए हैं। अब भारतीय टीम में शामिल होकर उनसे देश के लिए पदक जीतने की प्रबल संभावना है। उनके इस चयन पर नवादा ही नहीं, पूरे बिहार हैंडबॉल परिवार में खुशी का माहौल है। जिले के हैंडबॉल गुरु के.एम. प्रेमदासा, शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संजीव कुमार, नीरज कुमार, कनक कुमार, खुशबू कुमारी, तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी श्याम सुंदर कुमार, अमन कुमार, प्रभात कुमार, विक्रम कुमार, कुंदन कुमार, पूजा कुमारी, सोनू कुमार, सपना कुमारी, ज्योति कुमारी, अनुराधा कुमारी, निधि सिंह और विंध्यवासिनी शर्मा सहित कई अन्य लोगों ने उन्हें बधाई दी है और प्रतियोगिता में पदक जीतकर लौटने की शुभकामनाएं दी हैं।


