ग्वालियर. जब रेलवे किसी रूट पर स्पेशल ट्रेन की घोषणा करता है, तो आम यात्रियों के चेहरे पर खुशी आ जाती है कि अब उनका सफर आसान, आरामदायक और समय पर पूरा होगा। लेकिन इंदौर से सूबेदारगंज के बीच शुरू होने जा रही नई स्पेशल ट्रेन (04170) चंबल-मालवा के यात्रियों के लिए सुविधा कम और सिरदर्द ज्यादा बन गई है। रेलवे के एक अजीबो-गरीब टाइम टेबल के कारण यह स्पेशल ट्रेन अब सामान्य पैसेंजर और इंटरसिटी ट्रेनों से भी धीमी रफ्तार से रेंगती हुई चलेगी। इस सुस्त सफर के लिए रेलवे यात्रियों से प्रीमियम यानी ज्यादा किराया भी वसूलेगा, जिसे लेकर यात्रियों में भारी आक्रोश है।
226 किलोमीटर का सफर और पौने 7 घंटे का समय
यात्रियों की परेशानी को इस ट्रेन के हैरान करने वाले समय चक्र (टाइम टेबल) से आसानी से समझा जा सकता है। गुना से शिवपुरी होते हुए ग्वालियर की दूरी महज 226 किलोमीटर है। इस दूरी को एक सामान्य बस या पैसेंजर ट्रेन भी 5 से 6 घंटे में तय कर लेती है। लेकिन रेलवे की इस स्पेशल ट्रेन का गणित बिल्कुल उल्टा है:
ट्रेन नंबर 04170 (इंदौर से सूबेदारगंज)
यह ट्रेन गुना स्टेशन से सुबह 4:25 बजे रवाना होगी। इसके बाद यह सुबह 9:20 बजे शिवपुरी और दोपहर 11:05 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। यानी केवल 226 किमी के सफर में इसे 6 घंटे 40 मिनट का समय लगेगा।
वापसी में रफ्तार का जादू (ट्रेन नंबर 04169)
सबसे मजेदार बात यह है कि यही ट्रेन जब ग्वालियर से गुना की ओर लौटेगी, तो यह दूरी महज 3 घंटे 35 मिनट में तय कर लेगी। वापसी में यह ग्वालियर से दोपहर 3:15 बजे चलकर, शाम 4:40 बजे शिवपुरी और शाम 6:50 बजे गुना पहुंच जाएगी।
जनता की मांग: तुरंत बदला जाए टाइम टेबल
यात्री संघों का कहना है कि रेलवे स्पेशल कैटेगरी की ट्रेनों में सामान्य मेल-एक्सप्रेस की तुलना में 10 से 30 फीसदी तक अतिरिक्त स्पेशल चार्ज वसूलता है। ऐसे में ज्यादा पैसे देने के बाद भी अगर यात्रियों को बस से भी ज्यादा समय सफर में बिताना पड़े, तो यह सीधे तौर पर जनता की जेब पर डाका है। इस क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि गुना से शिवपुरी के बीच इस ट्रेन को बेवजह आउटरों पर खड़ा रखने के बजाय इसकी गति बढ़ाई जाए, ताकि लोगों का समय बच सके।
समीक्षा करेंगे
इस रूट पर कुछ तकनीकी कारणों और ट्रैक क्षमता (लाइन क्लीयरेंस) के चलते जाने वाली ट्रेन में समय अधिक लग रहा है। इस विसंगति को लेकर टाइम टेबल की समीक्षा की जाएगी और यात्रियों की सुविधा के अनुसार आवश्यक सुधार पर विचार किया जाएगा।
अमित मालवीय, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर मध्य रेलवे


