अहमदाबाद मण्डल को तीन साल के ई-नीलामी अनुबंध से मिलेंगे 4.47 करोड़

अहमदाबाद मण्डल को तीन साल के ई-नीलामी अनुबंध से मिलेंगे 4.47 करोड़

नए वाणिज्यिक अनुबंधों से बदलेगी सुरक्षा, सफाई और सफर की सूरत

अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के वाणिज्य विभाग ने तीन महत्वपूर्ण ई-नीलामी अनुबंधों को पूरा किया है। 3 वर्षों की अवधि के लिए दिए गए अनुबंध यात्री सुविधा, माल ढुलाई लॉजिस्टिक्स और प्रीमियम ब्रांडिंग जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनसे सामूहिक रूप से 4.47 करोड़ रुपए का गैर-किराया राजस्व मिलेगा।
जानकारी के अनुसार, सफर के अनुभव में बदलाव केे तहत ट्रेन के भीतर बिक्री अनुबंध से 3.72 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। गैर-प्रीमियम ट्रेनों के भीतर बिक्री अनुबंध का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक व्यवस्था स्थापित करना है। यात्रियों को अब सफर के दौरान अपनी सीट पर ही आवश्यक दैनिक सामान आसानी से मिल सकेगा। इसमें टूथपेस्ट, टूथब्रश, टिशू, सैनिटरी पैड, डायपर, समाचार पत्र, पत्रिकाएं, मोबाइल चार्जर, ईयरफोन और खिलौने आदि वस्तुएं शामिल होंगी। यात्रियों से अधिक वसूली को रोकने के लिए सभी उत्पादों को अनिवार्य रूप से अधिकतम खुदरा मूल्य पर बेचा जाएगा। बिल/रसीद देना अनिवार्य होगा। अवधि पार या अनधिकृत उत्पाद की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। अनधिकृत फेरीवालों पर लगाम लगाने के लिए इस प्रणाली के तहत प्रति ट्रेन अधिकतम 4 फेरीवालों को ही अनुमति दी जाएगी। ये सभी फेरीवाले पूरी तरह सत्यापित, निर्धारित वर्दी और बैच में होंगे तथा उनके पास क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र होगा।
बुनियादी ढांचे की मजबूती के तहत गुड्स शेड में वैगन सफाई के अनुबंध से 57 लाख रुपए का राजस्व मिलेगा। मालिया गुड्स शेड में वैगन सफाई का यह अनुबंध एक आत्मनिर्भर मॉडल पर आधारित है, जो रेलवे की लागत को कम करते हुए कार्यस्थल की स्थिति में सुधार करता है। वैगनों और गुड्स शेड परिसर की सफाई का पूरा खर्च ठेकेदार द्वारा स्वयं वहन किया जाएगा, जिससे रेलवे के अपने सफाई खर्च में सीधी बचत होगी। कोयले और अन्य अवशेष सामग्रियों की नियमित सफाई से वैगनों और ट्रैक की उम्र (लाइफस्पैन) बढ़ेगी। यह गुड्स शेड परिसर में कचरा जमा होने से भी रोकेगा, जिससे कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कामकाजी माहौल तैयार होगा। अनुबंध के तहत ठेकेदार को सफाई के दौरान निकलने वाले अवशेष (जैसे कोयला) को इकट्ठा कर बेचने की अनुमति होगी।

ब्रांडिंग से 18 लाख का राजस्व

ब्रांडिंग को नया आयाम के तहत वंदे भारत हेड रेस्ट कवर पर विज्ञापन अनुबंध से 18 लाख रुपए का राजस्व मिलेगा। देश की प्रीमियम सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता का लाभ उठाते हुए, अनुबंध के तहत कोच के भीतर उपलब्ध स्पेस का उपयोग ब्रांड विजिबिलिटी के लिए किया जाएगा। ब्रांडेड हेड रेस्ट कवर से ट्रेन के कोच के अंदर का माहौल अधिक साफ-सुथरा, एकसमान और पेशेवर दिखाई देगा, जो यात्रियों के सफर को और सुखद बनाएगा।

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