झारखंड में राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी के मैदान में उतरने और बीजेपी द्वारा अंतिम समय में अपना प्रत्याशी नहीं उतारने के फैसले के बाद मुकाबला और रोचक हो गया है। इस चुनाव में कांग्रेस के सामने अपने सभी 16 विधायकों को एकजुट बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। वहीं, आरजेडी के चार विधायकों की भूमिका पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। इधर, एनडीए ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को अपना समर्थन दे दिया है।
परिमल नथवानी को बीजेपी का समर्थन
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को परिमल नथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन में प्रस्तावक के तौर पर बीजेपी और एनडीए के कई विधायक शामिल हुए। इसके साथ ही यह साफ हो गया कि बीजेपी ने इस चुनाव में परिमल नथवानी को अपना समर्थन दे दिया है। परिमल नथवानी इससे पहले भी दो बार झारखंड से राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं। उनके पिछले दोनों कार्यकालों में उन्हें बीजेपी के साथ-साथ झामुमो का भी समर्थन प्राप्त हुआ था।
बीजेपी ने बदली रणनीति, नथवानी पर दांव
बीजेपी शुरुआत से ही राज्यसभा चुनाव में अपने किसी कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाने की बात कह रही थी। हालांकि, रविवार रात निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नथवानी का नाम सामने आने के बाद यह कयास लगाए जाने लगे थे कि बीजेपी अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतारेगी।
सोमवार सुबह तक पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया था, लेकिन परिमल नथवानी के बीजेपी कार्यालय पहुंचने के बाद स्थिति साफ हो गई। हालांकि उनकी प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात नहीं हुई, फिर भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने स्पष्ट किया कि पार्टी के पास अपने उम्मीदवार को जिताने लायक पर्याप्त संख्या नहीं है। इसलिए बीजेपी इस चुनाव में अपना प्रत्याशी नहीं उतार रही है। आदित्य साहू ने बताया कि परिमल नथवानी ने बीजेपी से समर्थन मांगा है और पार्टी उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में समर्थन दे रही है।
झारखंड राज्यसभा: 4 वोटों की लड़ाई
एनडीए (भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा) के पास कुल 24 विधायक हैं, जो एक सीट जीतने के लिए आवश्यक 28 वोटों से चार कम हैं। ऐसे में एनडीए को जीत के लिए चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। झारखंड विधानसभा में महागठबंधन के पास झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और माले के 2 विधायक हैं। कुल मिलाकर 56 विधायक होते हैं, जो दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त माने जा रहे हैं। ऐसे में परिमल नाथवानी की नजर आरजेडी के चार विधायकों के समर्थन पर टिकी हुई है।


