भागलपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात रेल हादसा टल गया। प्लेटफार्म नंबर-1 पर जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस आई थी। ट्रेन जब स्टेशन से निकलने लगी तो एक युवती चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान उसका बैलैंस बिगड़ गया। वो प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच आने वाली थी। प्लेटफार्म पर उप निरीक्षक संतोष कुमार मौजूद थे। उन्होंने तुरंत युवती को खींचकर बचा लिया। युवती की पहचान शिद्रा बेगम (25) के रूप में हुई है। जो रिश्तेदार को ट्रेन पर बैठाने के लिए आई थी। ट्रेन कब चल पड़ी पता नहीं चला महिला ने बताया कि मैंने रिश्तेदार को ट्रेन में बैठा दिया था। ट्रेन कब चल पड़ी मुझे पता नहीं चला। मै जब तक दरवाजे तक पहुंची, ट्रेन ने थोड़ी स्पीड पकड़ ली थी। मैंने सोचा कि अभी ज्यादा देर नहीं हुई है, मैं उतर सकती हूं। मैंने जैसे ही पैर नीचे रखा मेरा बैलेंस बिगड़ गया। मालदा मंडल ने भी अपने कर्मी की इस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए यात्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात रेल हादसा टल गया। प्लेटफार्म नंबर-1 पर जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस आई थी। ट्रेन जब स्टेशन से निकलने लगी तो एक युवती चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश कर रही थी। इस दौरान उसका बैलैंस बिगड़ गया। वो प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच आने वाली थी। प्लेटफार्म पर उप निरीक्षक संतोष कुमार मौजूद थे। उन्होंने तुरंत युवती को खींचकर बचा लिया। युवती की पहचान शिद्रा बेगम (25) के रूप में हुई है। जो रिश्तेदार को ट्रेन पर बैठाने के लिए आई थी। ट्रेन कब चल पड़ी पता नहीं चला महिला ने बताया कि मैंने रिश्तेदार को ट्रेन में बैठा दिया था। ट्रेन कब चल पड़ी मुझे पता नहीं चला। मै जब तक दरवाजे तक पहुंची, ट्रेन ने थोड़ी स्पीड पकड़ ली थी। मैंने सोचा कि अभी ज्यादा देर नहीं हुई है, मैं उतर सकती हूं। मैंने जैसे ही पैर नीचे रखा मेरा बैलेंस बिगड़ गया। मालदा मंडल ने भी अपने कर्मी की इस कार्रवाई की प्रशंसा करते हुए यात्री सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।


