कांग्रेस के 48 नए चेहरे सीख रहे राजनीति की भाषा:पटना सदाकत आश्रम में टैलेंट हंट प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग, कैमरे के सामने बोलने का अभ्यास जारी

कांग्रेस के 48 नए चेहरे सीख रहे राजनीति की भाषा:पटना सदाकत आश्रम में टैलेंट हंट प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग, कैमरे के सामने बोलने का अभ्यास जारी

कांग्रेस के नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम में चुने गए 48 लोगों को सदाकत आश्रम में ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें 38 प्रवक्ता, 5 रिसर्चर और 5 सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर शामिल है। सभी प्रवक्ताओं को टाइम लिमिट का चैलेंज दिया जा रहा है, ताकि वह कम समय में अपनी बात रख सके। इसके अलावा रिसर्चर को डाटा सेंट्रिक ट्रेनिंग दी जा रही है। कांग्रेस का ये टैलेंट हंट प्रोग्राम लगभग 2 महीने तक चला था। इसमें बिहार से 9100 लोगों ने अप्लाई किया था, जिसमें 100 लोगों को शॉर्टलिस्ट करके फाइनल राउंड के लिए बुलाया गया था। टाइम लिमिट का दिया जा रहा चैलेंज कांग्रेस प्रवक्ता चंद्रभूषण ने कहा कि, ‘कांग्रेस के टैलेंट हंट प्रोग्राम में सेलेक्ट हुए सभी 48 लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है। सबसे पहले विजुअल ट्रेनिंग हो रही है, जिसमें सभी को एक पर्टिकुलर टॉपिक दिया जा रहा है और उस पर बोलने को कहा जा रहा है। प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग में टाइम लिमिट का चैलेंज दिया जा रहा है, ताकि वह एक बाइट मोड में कम समय में अपनी बात को रख सकें। सभी रिसर्चर को डाटा सेंट्रिक ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि किसी पार्टिकुलर टॉपिक पर वह सही माध्यम से डाटा को कोट कर सकें। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर या सोशल मीडिया वालों को यह टास्क दिया जा रहा है कि वह किस तरीके से सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख सकते हैं। कैंडिडेट को कैमरे के सामने बोलना सिखाया जा रहा है उन्होंने आगे बताया कि, ‘यह ट्रेनिंग पूरे महीने चलेगी। इसके माध्यम से हम यह देखेंगे कि यह चुने गए कैंडिडेट कैमरा के सामने किस तरीके से बोल सकते हैं, उनका ओवरऑल नॉलेज कैसा है और कम समय में वह कितने इफेक्टिव तरीके से अपनी बातों को रख सकते हैं। इस दौरान उन्हें करंट टॉपिक पर बहस करने को दिया जा रहा है, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसमें रिटन टेस्ट भी होगा और फिर मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन भी दिया जाएंगे। तीन पदों के लिए हुई टैलेंट हंट में खोज इस पहल के अंतर्गत कांग्रेस पार्टी तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रतिभाओं की खोज कर रही थी। पहला मीडिया प्रवक्ता-पैनलिस्ट जो टीवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्टता, विश्वसनीयता और अनुशासन के साथ पार्टी का पक्ष रख सकें। दूसरा रिसर्च को-ऑर्डिनेटर ,जो तथ्य-आधारित, शोध-आधारित सामग्री, नीतिगत विश्लेषण और मुद्दा-ब्रीफ तैयार कर पार्टी के संदेश को मजबूती दें। तीसरा पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर, जो सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप नेटवर्क, स्थानीय मीडिया और ज़मीनी स्तर पर पार्टी का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाए। कांग्रेस के नेशनल टैलेंट हंट प्रोग्राम में चुने गए 48 लोगों को सदाकत आश्रम में ट्रेनिंग दी जा रही है। इसमें 38 प्रवक्ता, 5 रिसर्चर और 5 सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर शामिल है। सभी प्रवक्ताओं को टाइम लिमिट का चैलेंज दिया जा रहा है, ताकि वह कम समय में अपनी बात रख सके। इसके अलावा रिसर्चर को डाटा सेंट्रिक ट्रेनिंग दी जा रही है। कांग्रेस का ये टैलेंट हंट प्रोग्राम लगभग 2 महीने तक चला था। इसमें बिहार से 9100 लोगों ने अप्लाई किया था, जिसमें 100 लोगों को शॉर्टलिस्ट करके फाइनल राउंड के लिए बुलाया गया था। टाइम लिमिट का दिया जा रहा चैलेंज कांग्रेस प्रवक्ता चंद्रभूषण ने कहा कि, ‘कांग्रेस के टैलेंट हंट प्रोग्राम में सेलेक्ट हुए सभी 48 लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है। सबसे पहले विजुअल ट्रेनिंग हो रही है, जिसमें सभी को एक पर्टिकुलर टॉपिक दिया जा रहा है और उस पर बोलने को कहा जा रहा है। प्रवक्ताओं को ट्रेनिंग में टाइम लिमिट का चैलेंज दिया जा रहा है, ताकि वह एक बाइट मोड में कम समय में अपनी बात को रख सकें। सभी रिसर्चर को डाटा सेंट्रिक ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि किसी पार्टिकुलर टॉपिक पर वह सही माध्यम से डाटा को कोट कर सकें। प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर या सोशल मीडिया वालों को यह टास्क दिया जा रहा है कि वह किस तरीके से सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख सकते हैं। कैंडिडेट को कैमरे के सामने बोलना सिखाया जा रहा है उन्होंने आगे बताया कि, ‘यह ट्रेनिंग पूरे महीने चलेगी। इसके माध्यम से हम यह देखेंगे कि यह चुने गए कैंडिडेट कैमरा के सामने किस तरीके से बोल सकते हैं, उनका ओवरऑल नॉलेज कैसा है और कम समय में वह कितने इफेक्टिव तरीके से अपनी बातों को रख सकते हैं। इस दौरान उन्हें करंट टॉपिक पर बहस करने को दिया जा रहा है, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसमें रिटन टेस्ट भी होगा और फिर मल्टीपल चॉइस क्वेश्चन भी दिया जाएंगे। तीन पदों के लिए हुई टैलेंट हंट में खोज इस पहल के अंतर्गत कांग्रेस पार्टी तीन प्रमुख क्षेत्रों में प्रतिभाओं की खोज कर रही थी। पहला मीडिया प्रवक्ता-पैनलिस्ट जो टीवी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक मंचों पर स्पष्टता, विश्वसनीयता और अनुशासन के साथ पार्टी का पक्ष रख सकें। दूसरा रिसर्च को-ऑर्डिनेटर ,जो तथ्य-आधारित, शोध-आधारित सामग्री, नीतिगत विश्लेषण और मुद्दा-ब्रीफ तैयार कर पार्टी के संदेश को मजबूती दें। तीसरा पब्लिसिटी कोऑर्डिनेटर, जो सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप नेटवर्क, स्थानीय मीडिया और ज़मीनी स्तर पर पार्टी का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाए।  

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