CM हेमंत को PMLA कोर्ट से मिला झटका:डिस्चार्ज पिटीशन को अदालत ने किया खारिज, जमीन घोटाले-मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8.86 एकड़ जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है। इस याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि मामले में आरोपों को इस स्तर पर खारिज करने का आधार नहीं बनता। यह मामला बड़गाईं अंचल के शांति नगर क्षेत्र में स्थित 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और कब्जे से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है। सीएम ने कहा था- ईडी के पास साक्ष्य नहीं मुख्यमंत्री की ओर से 5 दिसंबर 2025 को दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन में दावा किया गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और प्रवर्तन निदेशालय के पास मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। याचिका में यह भी कहा गया था कि उन्हें इस मामले में अनावश्यक रूप से फंसाया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी। अब इस फैसले के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी। ————————————————– इसे भी पढ़ें… जमीन घोटाला मामले में सीएम का कैसे आया नाम:13 और 26 अप्रैल की छापेमारी के बाद दर्ज प्राथमिकी बनी आधार, हेमंत सोरेन को मिल चुका है पांच नोटिस प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सीएम हेमंत सोरेन ने पूछताछ के लिए बार-बार नोटिस भेजा जा रहा है। बावजूद इसके सीएम हेमंत सोरेन ईडी के सामने हाजिर नहीं हो रहे हैं। आज भी उन्हें ईडी के सामने पेश होना है। इस बार भी पूरी संभावना बन रही है कि वे हाजिर नहीं होंगे। इस बार सीएम हेमंत सोरेन को ईडी जमीन घोटाला संबंधी मामले में पूछताछ के लिए बुला रही है। ईडी की ओर से सीएम को मिल रहा समन पहली बार नहीं है। दो अलग-अलग मामले में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पांच बार नोटिस भेजा है। यहां पढ़ें पूरी खबर… झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8.86 एकड़ जमीन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। पीएमएलए की विशेष अदालत ने उनकी ओर से दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज कर दिया है। इस याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि मामले में आरोपों को इस स्तर पर खारिज करने का आधार नहीं बनता। यह मामला बड़गाईं अंचल के शांति नगर क्षेत्र में स्थित 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और कब्जे से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है। सीएम ने कहा था- ईडी के पास साक्ष्य नहीं मुख्यमंत्री की ओर से 5 दिसंबर 2025 को दाखिल डिस्चार्ज पिटीशन में दावा किया गया था कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और प्रवर्तन निदेशालय के पास मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं। याचिका में यह भी कहा गया था कि उन्हें इस मामले में अनावश्यक रूप से फंसाया जा रहा है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी। अब इस फैसले के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी और जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी। ————————————————– इसे भी पढ़ें… जमीन घोटाला मामले में सीएम का कैसे आया नाम:13 और 26 अप्रैल की छापेमारी के बाद दर्ज प्राथमिकी बनी आधार, हेमंत सोरेन को मिल चुका है पांच नोटिस प्रवर्तन निदेशालय की ओर से सीएम हेमंत सोरेन ने पूछताछ के लिए बार-बार नोटिस भेजा जा रहा है। बावजूद इसके सीएम हेमंत सोरेन ईडी के सामने हाजिर नहीं हो रहे हैं। आज भी उन्हें ईडी के सामने पेश होना है। इस बार भी पूरी संभावना बन रही है कि वे हाजिर नहीं होंगे। इस बार सीएम हेमंत सोरेन को ईडी जमीन घोटाला संबंधी मामले में पूछताछ के लिए बुला रही है। ईडी की ओर से सीएम को मिल रहा समन पहली बार नहीं है। दो अलग-अलग मामले में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को पांच बार नोटिस भेजा है। यहां पढ़ें पूरी खबर…  

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