पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने एक बार फिर नाम लिए बिना जेडीयू के कुछ नेताओं पर तीखा हमला बोला है। मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ‘विधानसभा चुनाव के दौरान 25 से 30, फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था, लेकिन चुनावी जीतने के बाद ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बन गईं कि नीतीश कुमार को सत्ता से दूर कर दिया गया।’ उन्होंने कहा कि, ‘इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।’ कुछ लोगों ने नीतीश कुमार को दरबारी बना दिया आनंद मोहन ने कहा कि ‘जिनके आवास पर कभी बड़े-बड़े नेता और अधिकारी पहुंचकर मुलाकात किया करते थे, आज उनकी स्थिति बदल दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी और चाटुकार प्रवृत्ति के लोगों ने पार्टी और नेतृत्व दोनों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। जिस नेता का कभी दरबार लगता था, आज उसी को दरबारी बना दिया गया है, जो उनके सम्मान के खिलाफ है।’ कार्यकर्ताओं से की विरोध की अपील पूर्व सांसद ने जेडीयू कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि, ‘वे ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाएं जो पार्टी और उसके नेतृत्व को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के सम्मान और संगठन की मजबूती के लिए आगे आना चाहिए।’ आनंद मोहन बोले- उकसाने की कोशिश न करें, जवाब देना आता है आनंद मोहन ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि, उन्हें बेवजह निशाना बनाने या उकसाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उनका किसी समाज से कोई विवाद नहीं है और सभी वर्गों का उन्हें सहयोग मिलता रहा है। हालांकि, यदि कोई उन्हें चुनौती देने की कोशिश करेगा तो वे उसका मजबूती से जवाब देंगे। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने एक बार फिर नाम लिए बिना जेडीयू के कुछ नेताओं पर तीखा हमला बोला है। मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ‘विधानसभा चुनाव के दौरान 25 से 30, फिर से नीतीश” का नारा दिया गया था, लेकिन चुनावी जीतने के बाद ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बन गईं कि नीतीश कुमार को सत्ता से दूर कर दिया गया।’ उन्होंने कहा कि, ‘इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।’ कुछ लोगों ने नीतीश कुमार को दरबारी बना दिया आनंद मोहन ने कहा कि ‘जिनके आवास पर कभी बड़े-बड़े नेता और अधिकारी पहुंचकर मुलाकात किया करते थे, आज उनकी स्थिति बदल दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्वार्थी और चाटुकार प्रवृत्ति के लोगों ने पार्टी और नेतृत्व दोनों को नुकसान पहुंचाने का काम किया है। जिस नेता का कभी दरबार लगता था, आज उसी को दरबारी बना दिया गया है, जो उनके सम्मान के खिलाफ है।’ कार्यकर्ताओं से की विरोध की अपील पूर्व सांसद ने जेडीयू कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि, ‘वे ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज उठाएं जो पार्टी और उसके नेतृत्व को कमजोर करने का काम कर रहे हैं। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के सम्मान और संगठन की मजबूती के लिए आगे आना चाहिए।’ आनंद मोहन बोले- उकसाने की कोशिश न करें, जवाब देना आता है आनंद मोहन ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि, उन्हें बेवजह निशाना बनाने या उकसाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उनका किसी समाज से कोई विवाद नहीं है और सभी वर्गों का उन्हें सहयोग मिलता रहा है। हालांकि, यदि कोई उन्हें चुनौती देने की कोशिश करेगा तो वे उसका मजबूती से जवाब देंगे।


