किशनगंज में भूकंप के झटके,10 सेकेंड के लिए कांपी धरती:घरों से बाहर निकले लोग; भूटान के पुनाखा से 5 किलोमीटर दूर था केंद्र

किशनगंज में भूकंप के झटके,10 सेकेंड के लिए कांपी धरती:घरों से बाहर निकले लोग; भूटान के पुनाखा से 5 किलोमीटर दूर था केंद्र

किशनगंज में रविवार रात करीब 11:06 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। 10 सेकेंड तक धरती हिली। भूकंप की वजह से कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकले। हालांकि जिले में कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। एंड्राइड अर्थक्वेक अलर्टस सिस्टम के अनुसार भूकंप का केंद्र भूटान के पुनाखा से 5 किलोमीटर दूर था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई। भूकंप रात 11:06 बजे IST पर आया। इसका असर भारत समेत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और चीन तक महसूस किया गया। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागे मानचित्र में भूकंप का प्रभाव क्षेत्र लाल रंग से दिखाया गया है। भारत में इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर पर पड़ा। बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी झटके महसूस किए गए, जिसमें किशनगंज प्रमुख है। किशनगंज शहर, बहादुरगंज, ठाकुरगंज और टेढ़ागाछ इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके साफ महसूस किए। रात का वक्त होने के कारण कई लोग सोने की तैयारी में थे। अचानक कंपन होते ही लोग घबराकर घरों से बाहर सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागे। भूकंप क्यों आता है? हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है… किशनगंज में रविवार रात करीब 11:06 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। 10 सेकेंड तक धरती हिली। भूकंप की वजह से कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकले। हालांकि जिले में कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। एंड्राइड अर्थक्वेक अलर्टस सिस्टम के अनुसार भूकंप का केंद्र भूटान के पुनाखा से 5 किलोमीटर दूर था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई। भूकंप रात 11:06 बजे IST पर आया। इसका असर भारत समेत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और चीन तक महसूस किया गया। लोग घरों से बाहर निकलकर सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागे मानचित्र में भूकंप का प्रभाव क्षेत्र लाल रंग से दिखाया गया है। भारत में इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर पर पड़ा। बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी झटके महसूस किए गए, जिसमें किशनगंज प्रमुख है। किशनगंज शहर, बहादुरगंज, ठाकुरगंज और टेढ़ागाछ इलाकों में लोगों ने भूकंप के झटके साफ महसूस किए। रात का वक्त होने के कारण कई लोग सोने की तैयारी में थे। अचानक कंपन होते ही लोग घबराकर घरों से बाहर सड़कों और खुले मैदानों की ओर भागे। भूकंप क्यों आता है? हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *