‘नाबालिग लड़कियों को 5 लाख में बेचने की थी प्लानिंग’:मोतिहारी मौलवी का कबूलनामा, बोला-पुलिस एक घंटा देर करती तो नेपाल बॉर्डर पार कर जाता

‘नाबालिग लड़कियों को 5 लाख में बेचने की थी प्लानिंग’:मोतिहारी मौलवी का कबूलनामा, बोला-पुलिस एक घंटा देर करती तो नेपाल बॉर्डर पार कर जाता

“अगर पुलिस एक घंटे और लेट करती तो मैं सभी नाबालिग लड़कियों को लेकर भारत बॉर्डर को पार कर नेपाल पहुंच जाता। वहां इन लड़कियों को बेचकर 5 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई करता। इसके बाद ऐशोआराम की जिंदगी जीता।” ये कहना है लव ट्रैप में फंसाकर 4 नाबालिग लड़कियों के अपहरण और उन्हें बेचने की कोशिश करने वाले मौलवी असफाक का। रविवार को उसने पुलिस को अपना कबूलनामा दिया है। नाबालिग-जवान लड़कियों का क्या रहता है रेट? नेपाल में कहां होती है भारतीय लड़कियों की सप्लाई? मौलवी ने इन 4 लड़कियों को अपने ट्रैप में कैसे फंसाया? इन सारे सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने पुलिस से बातचीत की। इस दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा दिए गए अपने कबूलनामे के बारे में बताया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… नेपाल में लड़की सप्लायरों से हुई मुलाकात पुलिस पूछताछ में आरोपी अशफाक ने बताया, मैं 4 साल पहले 2022 में मौलवी की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान दोस्तों के साथ छुट्टी पर नेपाल घूमने गया था। यहां हम सभी दोस्त एक होटल में रूके थे। वहां मौजूद एक भारतीय लड़के से मेरी अच्छी जान पहचान हो गई। उसने मुझसे पूछा तुम इंडिया में क्या करते हो? इसपर मैंने कहा, मैं अभी मौलवी की पढ़ाई कर रहा हूं। 2 साल बाद मेरी पढ़ाई खत्म हो जाएगी तो मैं किसी भी मदरसे में मौलवी बन सकता हूं। अशफाक ने आगे कहा, जैसे ही मैंने अपनी पढ़ाई की कहानी सुनाई उस लड़के ने मुझसे तुरंत मेरा फोन नंबर ले लिया। उसने मुझसे कहा, तुम मौलवी बनकर मदरसे में पढ़ाओगे…इस दौरान वहां पर कई सारी नाबालिग लड़कियां भी पढ़ने के लिए आएंगी। उनसे तुम्हारी अच्छी जान-पहचान हो जाएगी। अगर तुम उन लड़कियों में से किसी को भी नेपाल मेरे होटल में लेकर आओगे तो उसके बदले तुम्हें लाखों रुपए मिलेंगे। 12 से 16 साल की लड़कियों की डेढ़ लाख रुपए कीमत है। वहीं इससे कम लड़कियों की एक लाख रुपए…तुम जैसे ही लड़की मेरा हाथ में हैंडओवर करोगे मैं तुम्हे तुरंत पैसे दे दूंगा। मदरसे में मिली नौकरी, 12 साल से ऊपर की लड़कियों को फंसाया मेरे दिमाग में ये बात बैठ गई थी। मुझे बहुत सारे पैसे कमाने थे। अपनी जिंदगी आलीशान तरीके से काटनी थी। मैंने जैसे ही पढ़ाई खत्म की मुझे मोतिहारी के शिकारगंज थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित मदरसे में पढ़ाने के लिए नौकरी मिल गई। मैं बहुत खुश हुआ। वहां मुझे कई सारी लड़कियां दिखीं। इस दौरान मैंने कई छात्राओं से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन कोई मेरे झांसे में नहीं आई। इसी दौरान मेरी नजर एक नाबालिग छात्रा पर पड़ी। मैं उसे स्पेशल ट्रीटमेंट देने लगा। मैं उसे अलग से पढ़ाता था और नई-नई कहानियां सुनाकर प्रेम जाल में फंसाने की कोशिश करने लगा। लड़की की दोस्त को भी ट्रैप में फंसाया धीरे-धीरे मैंने लड़की का नंबर लिया और फोन पर बातचीत शुरू हो गई, जिससे वो मेरे बिल्कुल करीब आ गई। इसी दौरान मैंने लड़की की एक सहेली को भी अपने ट्रैप में फंसा लिया। मैं पहली लड़की के सामने दूसरी वाली को ‘साली’ कहता था, लेकिन अकेले में उससे बात करता था। उससे धीरे-धीरे बातचीत शुरू की। अलग-अलग बातें बताकर उसका विश्वास जीतने की कोशिश की। ‘घूमने जाएंगे, नई जगह दिखाएंगे’ आरोपी अशफाक ने बताया, मैंने शुरुआत में उसकी हर छोटी-छोटी चीजों का ख्याल रखा। उसे अपनी आदत लगवा दी। इसके बाद उसे बड़े-बड़े सपने दिखाने लगा। इसी बीच वो मेरे झांसे में आ गई। वो मुझसे सच्चा प्यार करने लगी थी। मैं जो कहता था वो हर बात को सच मान लेती थी। 3 जून की सुबह 10वीं की छात्रा समेत 4 लड़कियों को लेकर भागा आरोपी अशफाक ने बताया, मैं 3 जून की सुबह प्रेम जाल में फंसाई गई लड़की को अपने पास बुलाया। उससे कहा तुम अपनी बहन और सहेली को भी साथ लेते आना। सभी को कहीं घूमाने लेकर जाएंगे। ये बात सुनते ही वो खुश हो गई। उसने सुबह करीब 9 बजे अपने साथ 3 लड़कियों को लेकर आई। एक सहेली, दूसरी बहन और तीसरी बहन की दोस्त… मैं चारों लड़कियों को देखकर खुश हो गया। मैं सभी को बस से मोतिहारी लेकर पहुंचा। जैसे ही गंगा पीपर चौक चारों पहुंचे, तो मैंने सभी को एक ऑटो में बैठाकर एक कमरे में भेज दिया। इसके बाद मैं अपने घर चला गया। ताकि अगर किसी को शक हुआ तो मुझे घर पर देखकर समझ जाएंगे की हम इसमें शामिल नहीं हैं। इन चारों का मोतिहारी में रहने के लिए जगह सेट किया था, लेकिन वहां पर पुलिस ज्यादा एक्टिव रहने की वजह से उन्हें ढाका जाने को कहा…मैंन लड़कियों से लगातार फोन पर कॉन्टैक्ट में था। भारत नेपाल के सीमा से सटे जगह पर रखा सभी को रखा था। इसके बाद 4 जून को मैं भी उनलोगों के पास पहुंच गया। इस दौरान तीनों को एक कमरे में और नाबालिग को अपने कमरे में रखा की उसे अभी भी शक ना हो। उसके साथ सोता भी था। हमलोग 5 जून की सुबह भारत-नेपाल बॉर्डर क्रॉस करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस हमें आकर पकड़ ली। अगर थोड़ा और देर करती पुलिस तो कभी नहीं लौटते घर वहीं, मौलवी द्वारा अपराह्न की गई नाबालिग ने पूछताछ के दौरान उनलोगों ने कहा, शिकारगंज थानाध्यक्ष गोपाल कुमार अगर थोड़ी देर और कर देते तो शायद हमलोग कभी अपने घर लौट कर नहीं आ पाते। हमें क्या पता था कि जो हम लोगों को पढ़ाता है वह हमें बेच देगा। इधर पुलिस ने चारों बच्चियों का 164 का बयान दर्ज करा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, आरोपी मौलवी को अरेस्ट कर लिया गया है। “अगर पुलिस एक घंटे और लेट करती तो मैं सभी नाबालिग लड़कियों को लेकर भारत बॉर्डर को पार कर नेपाल पहुंच जाता। वहां इन लड़कियों को बेचकर 5 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई करता। इसके बाद ऐशोआराम की जिंदगी जीता।” ये कहना है लव ट्रैप में फंसाकर 4 नाबालिग लड़कियों के अपहरण और उन्हें बेचने की कोशिश करने वाले मौलवी असफाक का। रविवार को उसने पुलिस को अपना कबूलनामा दिया है। नाबालिग-जवान लड़कियों का क्या रहता है रेट? नेपाल में कहां होती है भारतीय लड़कियों की सप्लाई? मौलवी ने इन 4 लड़कियों को अपने ट्रैप में कैसे फंसाया? इन सारे सवालों का जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने पुलिस से बातचीत की। इस दौरान पुलिस ने आरोपी द्वारा दिए गए अपने कबूलनामे के बारे में बताया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… नेपाल में लड़की सप्लायरों से हुई मुलाकात पुलिस पूछताछ में आरोपी अशफाक ने बताया, मैं 4 साल पहले 2022 में मौलवी की पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान दोस्तों के साथ छुट्टी पर नेपाल घूमने गया था। यहां हम सभी दोस्त एक होटल में रूके थे। वहां मौजूद एक भारतीय लड़के से मेरी अच्छी जान पहचान हो गई। उसने मुझसे पूछा तुम इंडिया में क्या करते हो? इसपर मैंने कहा, मैं अभी मौलवी की पढ़ाई कर रहा हूं। 2 साल बाद मेरी पढ़ाई खत्म हो जाएगी तो मैं किसी भी मदरसे में मौलवी बन सकता हूं। अशफाक ने आगे कहा, जैसे ही मैंने अपनी पढ़ाई की कहानी सुनाई उस लड़के ने मुझसे तुरंत मेरा फोन नंबर ले लिया। उसने मुझसे कहा, तुम मौलवी बनकर मदरसे में पढ़ाओगे…इस दौरान वहां पर कई सारी नाबालिग लड़कियां भी पढ़ने के लिए आएंगी। उनसे तुम्हारी अच्छी जान-पहचान हो जाएगी। अगर तुम उन लड़कियों में से किसी को भी नेपाल मेरे होटल में लेकर आओगे तो उसके बदले तुम्हें लाखों रुपए मिलेंगे। 12 से 16 साल की लड़कियों की डेढ़ लाख रुपए कीमत है। वहीं इससे कम लड़कियों की एक लाख रुपए…तुम जैसे ही लड़की मेरा हाथ में हैंडओवर करोगे मैं तुम्हे तुरंत पैसे दे दूंगा। मदरसे में मिली नौकरी, 12 साल से ऊपर की लड़कियों को फंसाया मेरे दिमाग में ये बात बैठ गई थी। मुझे बहुत सारे पैसे कमाने थे। अपनी जिंदगी आलीशान तरीके से काटनी थी। मैंने जैसे ही पढ़ाई खत्म की मुझे मोतिहारी के शिकारगंज थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित मदरसे में पढ़ाने के लिए नौकरी मिल गई। मैं बहुत खुश हुआ। वहां मुझे कई सारी लड़कियां दिखीं। इस दौरान मैंने कई छात्राओं से संपर्क बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन कोई मेरे झांसे में नहीं आई। इसी दौरान मेरी नजर एक नाबालिग छात्रा पर पड़ी। मैं उसे स्पेशल ट्रीटमेंट देने लगा। मैं उसे अलग से पढ़ाता था और नई-नई कहानियां सुनाकर प्रेम जाल में फंसाने की कोशिश करने लगा। लड़की की दोस्त को भी ट्रैप में फंसाया धीरे-धीरे मैंने लड़की का नंबर लिया और फोन पर बातचीत शुरू हो गई, जिससे वो मेरे बिल्कुल करीब आ गई। इसी दौरान मैंने लड़की की एक सहेली को भी अपने ट्रैप में फंसा लिया। मैं पहली लड़की के सामने दूसरी वाली को ‘साली’ कहता था, लेकिन अकेले में उससे बात करता था। उससे धीरे-धीरे बातचीत शुरू की। अलग-अलग बातें बताकर उसका विश्वास जीतने की कोशिश की। ‘घूमने जाएंगे, नई जगह दिखाएंगे’ आरोपी अशफाक ने बताया, मैंने शुरुआत में उसकी हर छोटी-छोटी चीजों का ख्याल रखा। उसे अपनी आदत लगवा दी। इसके बाद उसे बड़े-बड़े सपने दिखाने लगा। इसी बीच वो मेरे झांसे में आ गई। वो मुझसे सच्चा प्यार करने लगी थी। मैं जो कहता था वो हर बात को सच मान लेती थी। 3 जून की सुबह 10वीं की छात्रा समेत 4 लड़कियों को लेकर भागा आरोपी अशफाक ने बताया, मैं 3 जून की सुबह प्रेम जाल में फंसाई गई लड़की को अपने पास बुलाया। उससे कहा तुम अपनी बहन और सहेली को भी साथ लेते आना। सभी को कहीं घूमाने लेकर जाएंगे। ये बात सुनते ही वो खुश हो गई। उसने सुबह करीब 9 बजे अपने साथ 3 लड़कियों को लेकर आई। एक सहेली, दूसरी बहन और तीसरी बहन की दोस्त… मैं चारों लड़कियों को देखकर खुश हो गया। मैं सभी को बस से मोतिहारी लेकर पहुंचा। जैसे ही गंगा पीपर चौक चारों पहुंचे, तो मैंने सभी को एक ऑटो में बैठाकर एक कमरे में भेज दिया। इसके बाद मैं अपने घर चला गया। ताकि अगर किसी को शक हुआ तो मुझे घर पर देखकर समझ जाएंगे की हम इसमें शामिल नहीं हैं। इन चारों का मोतिहारी में रहने के लिए जगह सेट किया था, लेकिन वहां पर पुलिस ज्यादा एक्टिव रहने की वजह से उन्हें ढाका जाने को कहा…मैंन लड़कियों से लगातार फोन पर कॉन्टैक्ट में था। भारत नेपाल के सीमा से सटे जगह पर रखा सभी को रखा था। इसके बाद 4 जून को मैं भी उनलोगों के पास पहुंच गया। इस दौरान तीनों को एक कमरे में और नाबालिग को अपने कमरे में रखा की उसे अभी भी शक ना हो। उसके साथ सोता भी था। हमलोग 5 जून की सुबह भारत-नेपाल बॉर्डर क्रॉस करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस हमें आकर पकड़ ली। अगर थोड़ा और देर करती पुलिस तो कभी नहीं लौटते घर वहीं, मौलवी द्वारा अपराह्न की गई नाबालिग ने पूछताछ के दौरान उनलोगों ने कहा, शिकारगंज थानाध्यक्ष गोपाल कुमार अगर थोड़ी देर और कर देते तो शायद हमलोग कभी अपने घर लौट कर नहीं आ पाते। हमें क्या पता था कि जो हम लोगों को पढ़ाता है वह हमें बेच देगा। इधर पुलिस ने चारों बच्चियों का 164 का बयान दर्ज करा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, आरोपी मौलवी को अरेस्ट कर लिया गया है।  

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