जरूरत की खबर- कंटेंट क्रिएटर हैं तो रहें सावधान:कास्टिंग के नाम पर स्कैम, ठगों की स्ट्रेटजी समझें, फर्जी ऑफर्स को ऐसे पहचानें

जरूरत की खबर- कंटेंट क्रिएटर हैं तो रहें सावधान:कास्टिंग के नाम पर स्कैम, ठगों की स्ट्रेटजी समझें, फर्जी ऑफर्स को ऐसे पहचानें

अगर आप कंटेंट क्रिएटर या सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हैं। म्यूजिक वीडियो, ब्रांड कोलैब या एक्टिंग के मौके तलाश रहे हैं तो सावधान रहें। स्कैमर फर्जी कास्टिंग कॉल या कोलैब ऑफर भेजकर आपको निशाना बना सकते हैं। कुछ दिनों पहले मोहम्मद नूफ नाम की एक कंटेंट क्रिएटर को ‘कास्टिंग स्कैम’ में फंसाने की कोशिश की गई। उन्हें ‘टी-सीरीज’ के नाम से फर्जी मेल आया। मेल का रिप्लाई करने पर स्कैम का पता चला। इसके बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर घटना शेयर कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम ‘फर्जी कास्टिंग कॉल/ब्रांड कोलैब स्कैम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- मोहम्मद नूफ नाम की सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर को कास्टिंग के नाम पर कैसे फंसाने की कोशिश की गई? जवाब- नूफ ने इंस्टा पर वीडियो पोस्ट कर घटना की जानकारी दी। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- टी-सीरीज ने इस मामले पर क्या कहा है? जवाब- इस स्कैम के सामने आने के बाद टी-सीरीज ने स्टेटमेंट जारी कर कहा- कुछ लोग कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं। फर्जी ईमेल अकाउंट बनाकर काम देने के बहाने लोगों से संपर्क कर रहे हैं। ’टी-सीरीज कंपनी किसी भी तरह की प्रोफेशनल बातचीत जीमेल या किसी अनऑफिशियल ईमेल आईडी से नहीं करती है। कास्टिंग या काम से जुड़ी हर बातचीत सिर्फ ऑफिशियल डोमेन से होती है। कंपनी ने लोगों से फर्जी ऑफर्स से सावधान रहने और बिना वेरिफिकेशन भरोसा न करने की अपील की। सवाल- फर्जी कास्टिंग कॉल/ब्रांड कोलैब स्कैम कैसे काम करता है? जवाब- यह स्कैम एक तय पैटर्न पर काम करता है, जिसमें भरोसा जीतकर शोषण या ठगी की जाती है। इसमें ज्यादातर नए इंफ्लुएंसर्स को निशाना बनाया जाता है। ग्राफिक से पूरा खेल समझिए- सवाल- इसके अलावा और किन तरीकों से ठगी हो सकती है? जवाब- ठग कास्टिंग/ब्रांड कोलैब के नाम पर कई तरीकों से पैसे और डेटा हासिल करने की कोशिश करते हैं। जैसेकि- सवाल- स्कैमर भरोसा जीतने के लिए क्या ट्रिक्स इस्तेमाल करते हैं? जवाब- ठग इसके लिए कई ट्रिक्स यूज करते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या ठग सिर्फ नए इंफ्लुएंसर्स को निशाना बनाते हैं या बड़े क्रिएटर्स भी शिकार होते हैं? जवाब- ठग बड़े क्रिएटर्स को भी निशाना बनाते हैं। फर्क बस इतना है कि नए लोग अनुभव की कमी से जल्दी भरोसा कर लेते हैं। जबकि बड़े क्रिएटर्स को ज्यादा प्रोफेशनल और टारगेटेड तरीके से फंसाने की कोशिश की जाती है। सवाल- हाल के समय में ऐसे केस कितने बढ़े हैं? जवाब- अब तक कई इंफ्लुएंसर्स ने ऐसे स्कैम के बारे में खुलकर बात की है। मोहम्मद नूफ के कमेंट सेक्शन में भी कई लोगों ने अपनी आपबीती लिखी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सवाल- ठग इंफ्लुएंसर्स को ही क्यों टारगेट करते हैं? जवाब- इसके कई कारण हैं- सवाल- इंफ्लुएंसर्स इस स्कैम के जाल में क्यों फंस जाते हैं? जवाब- इंफ्लुएंसर्स कुछ ऐसी गलतियां करते हैं, जो उन्हें इस स्कैम में फंसा देती हैं। जैसेकि- सवाल- ठग वीडियो-वाॅइस का कैसे मिसयूज कर सकते हैं? जवाब- ठग वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल कर सकते हैं। इसके अलावा- सवाल- ठग कौन-कौन से झूठे बहाने से पैसे ऐंठ सकते हैं? जवाब- ठग इन बहानों से पैसे ऐंठने की कोशिश कर सकते हैं- सवाल- फर्जी कास्टिंग कॉल, मैसेज और मेल को कैसे पहचानें? जवाब- कुछ संकेतों से इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर ऐसा मैसेज आए तो क्या करें? जवाब- ऐसा मैसेज आने पर तुरंत सतर्क हो जाएं और बिना वेरिफिकेशन कोई कदम न उठाएं। साथ ही ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- अगर गलती से स्कैम का शिकार हाे जाएं तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय तुरंत एक्शन लें- सवाल- कास्टिंग की सही प्रक्रिया क्या है? जवाब- असली कास्टिंग प्रक्रिया हमेशा प्रोफेशनल, पारदर्शी और ऑफिशियल चैनल्स के जरिए होती है। इसमें- सवाल- सोशल मीडिया यूजर्स को क्या सावधानी बरतनी चाहिए? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- ……………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- बच्चों के फेसबुक-इंस्टा पर रखें नजर: नए टूल से उनके मैसेज-चैट की निगरानी, जानें इसके सारे फीचर्स, कैसे करें एक्टिव सोशल मीडिया पर बच्चों की बढ़ती सक्रियता के साथ उनकी ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर पेरेंट्स की चिंताएं भी बढ़ी हैं। इसके लिए मेटा ने इंस्टाग्राम, फेसबुक और मेसेंजर पर ‘पेरेंटल सुपरविजन टूल’ लॉन्च किया है। पूरी खबर पढ़िए…

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