Mosque Demolished In Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी जमीन पर बनी अवैध मस्जिद मुस्तफा कादरी के ध्वस्तीकरण पर समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क (Ziaur Rahman Barq) ने नाराजगी जाहिर की है। नाराजगी जाहिर करते हुए जियाउर्रहमान बर्क ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं और भेदभाव का आरोप लगाया है।
सांसद बोले- आई लव मोहम्मद कहूंगा, हिम्मत है तो फांसी दो
संभल में अवैध मस्जिद पर हुई बुलडोजर कार्रवाई पर सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने तीखा हमला बोला है। सांसद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि आई लव मोहम्मद के पोस्टर को लेकर आप किस धारा के तहत केस दर्ज कर सकते हैं? मैं अपनी बात को दोहराता हूं कि मैं आई लव मोहम्मद कहता हूं, हिम्मत है तो मुझे फांसी दे दो।
जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि हरे रंग का झंडा हमारे मजहब से ताल्लुक रखता है। इसे आप पाकिस्तान या फिर दूसरे देश से कैसे जोड़ सकते हैं? हरा झंडा पाकिस्तान या बांग्लादेश का प्रतीक नहीं है, बल्कि ईद-मिलादुन्नबी जैसे धार्मिक अवसरों पर मुसलमानों द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला धार्मिक झंडा है। जियाउर्रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि अधिकारी मुद्दे को भटकाने के लिए प्रोपेगैंडा कर रहे हैं।
सांसद का आरोप- मस्जिद, मदरसे, मजार को टारगेट किया जा रहा
सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा- पिछले कुछ वर्षों से एक चिंताजनक प्रवृत्ति देखने को मिल रही है, जिसमें संभल, पूरे उत्तर प्रदेश और भारत भर में मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह और मजारों जैसे धार्मिक स्थलों को लगातार टारगेट किया जा रहा है। यह भाजपा सरकार की नीति है, जो चुनावी फायदे के लिए हिंदू-मुस्लिम विभाजन करती है। उन्होंने कहा कि हमारा काम लोगों को बांटना नहीं है। हम सब एक हैं और भाजपा को हटाना चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर गलत रिपोर्ट दर्ज की गई तो कोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
सांसद ने बुलडोजर एक्शन की निंदा की
जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि मैं संभल में हुई घटना पर बात करना चाहता हूं। मैं इस गलत आदेश के आधार पर जल्दबाजी में की गई इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं। इस गलत काम के लिए जिम्मेदार लोगों से मैं अपने ज्ञान के आधार पर कुछ तथ्य साझा करना चाहता हूं। जिस मस्जिद को ध्वस्त किया गया वह लगभग 150 साल पुरानी इमारत थी। इसका विध्वंस संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत हमारे अधिकारों का उल्लंघन है। इसके साथ ही पूजा स्थल अधिनियम का भी उल्लंघन है।
सांसद ने कहा- वक्फ बोर्ड के तहत पंजीकृत मस्जिद के मामले में न तो तहसीलदार, न एसडीएम, न डीएम और न ही कमिश्नर को इस मामले की सुनवाई करने या फैसला सुनाने का अधिकार है। यदि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत है तो इन अधिकारियों को उस पर निर्णय देने या फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है। मैं उस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता हूं, जो जल्दबाजी में और गलत ऑर्डर पर की गई।
सांसद ने ‘आई लव मोहम्मद’ का जिक्र क्यों किया?
संभल में ध्वस्त की गई अवैध मस्जिद मुस्तफा कादरी मस्जिद के संदर्भ में सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने ‘आई लव मोहम्मद’ का जिक्र किया है। इसकी चर्चा इसलिए हुई क्योंकि मस्जिद में ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर और कुछ झंडे मिले हैं। संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इसकी पुष्टि की है। एसपी ने कहा कि हम देखेंगे कि ये झंडे किसी देश या धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं या नहीं और इन्हें छपवाने में शामिल लोगों के बारे में भी जांच करेंगे। इस संबंध में उचित कार्रवाई की जाएगी।


