Ahmedabad: जन्म के महज 25 दिन में श्वान के हमले ने उत्तर प्रदेश के आगरा के एक मासूम की जिंदगी बदल दी।इस हमले में उसका बाहरी जननांग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था जिसके चलते वह 12 साल तक सामान्य रूप से मूत्र त्याग भी नहीं कर पाता था। बेटे की यह पीड़ा उसके पिता सुरेश यादव के लिए हर दिन एक नई बेबसी बनकर सामने आती रही।
कई अस्पतालों में उम्मीद टूटी, लेकिन आखिरकार शहर के सिविल अस्पताल ने जटिल सर्जरी कर उस मासूम को सामान्य जीवन की नई उम्मीद दे दी।घर में परेशान बच्चे को देखकर पूरे परिवार को पीड़ा हो रही थी। कई अस्पतालों में उसे ले जाया गया था। इस बीच गत महीने उसे अहमदाबाद के सिविल अस्पताल लाया गया अब 12 वर्ष के हो चुके बच्चे की जांच में पता चला कि श्वान के हमले के बाद दोनों वृषण (टेस्टिस) विकसित नहीं हो पाए थे, जननांग अंदर की ओर दब गया था और मूत्र मार्ग का छिद्र अत्यंत संकरा हो चुका था। सामान्य जीवन तो दूर, उसे पेशाब करने में भी असहनीय पीड़ा होती थी।
सिविल अस्पताल के बाल रोग सर्जरी विभागाध्यक्ष एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी तथा प्रो. डॉ. जयश्री रामजी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने जटिल जेनिटल रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी और डायग्नोस्टिक लैप्रोस्कोपी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. मृणालिनी और उनकी टीम ने भी पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई।
बच्चे की पीड़ा दूर हुई तो खुशी में छलक पड़े पिता के आंसू
करीब 14 दिन बाद जब कैथेटर हटाया गया और बच्चे ने बिना दर्द के सामान्य रूप से मूत्र त्याग किया, तो पिता की आंखों से खुशी के आंसू बह निकले।
बच्चे का भविष्य बचाने का प्रयास
डॉ. जोशी ने बताया यह सिर्फ एक जटिल सर्जरी नहीं थी, बल्कि एक बच्चे का भविष्य और उसका आत्मसम्मान बचाने का प्रयास था। हमारी पूरी टीम ने इसे चुनौती के रूप में लिया और खुशी है कि बच्चा अब सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।
जरूरतमंद मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज
इस उपलब्धि पर पूरी मेडिकल टीम को बधाई। यह सर्जरी पूरी तरह से नि:शुल्क हुई है। अहमदाबाद में सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के कारण देश के किसी भी कोने से आने वाले जरूरतमंद मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रफुल पानशेरिया, स्वास्थ्य राज्य मंत्री


