राजगढ़ में पेशी पर मांग भरकर पहुंची 16 साल की नाबालिग, जज ने पूछा- शादी हो गई, बच्ची बोली-हां, परिजन पर केस

राजगढ़ में पेशी पर मांग भरकर पहुंची 16 साल की नाबालिग, जज ने पूछा- शादी हो गई, बच्ची बोली-हां, परिजन पर केस

राजेश विश्वकर्मा
CJM Court Rajgarh: मध्यप्रदेश के राजगढ़ में सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) कोर्ट ने बाल विवाह के एक मामले में स्वत: ही संज्ञान लेते हुए उसके माता-पिता, सास-ससुर और कथित पति के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आम तौर पर इस कुरीति को लेकर प्रशासनिक प्रयास नाकाफी है लेकिन जब यह प्रकरण न्यायालय के समक्ष पहुंचा तो न्यायाधीश ने स्वयं संज्ञान ले लिया।

पेशी पर कोर्ट आई थी नाबालिग

जानकारी के अनुसार पुराने किसी प्रकरण में 16 साल की नाबालिग पेशी करने पहुंची थी। उसने बकायदा सिर में मांग भर रखी थी, सुहागिन जोड़े में वह वहां पहुंची। नाबालिग पर जज की नजर पड़ी तो उन्होंने बयान के दौरान ही उससे पूछा कि आपकी शादी हो गई क्या? इस पर नाबालिग ने कहा कि हां। इसके बाद जज ने पत्र निकाला, जिसमें संबंधितों पर एफआइआर के निर्देश कोतवाली थाना पुलिस को दिए। इसमें न्यायालय ने कहा है कि इतनी कम उम्र में बच्चों की शादी हो रही है। यह सरासर गैर कानूनी है। कुल मिलाकर इस पूरे मामले में कोर्ट ने स्वत: ही संज्ञान लेकर, कम उम्र में किए गए विवाह को अवैध करार दिया है।

बच्ची के माता-पिता, पति और सास-ससुर पर केस दर्ज

मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने संबंधित बच्ची के माता-पिता और सास-ससुर सहित उसके पति के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। यानी उन सभी जिम्मेदारों को कोर्ट ने दोषी माना है जिनकी सहमति से यह विवाह हुआ था। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि हम आरोपियों की तलाश कर रहे हैं। जल्द ही वे पुलिस गिरफ्त में होगे।

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कुछ साल पूर्व के मामले में खात्मे में बयान देने पहुंची थी नाबालिग

अपहरण (धारा-363 आईपीसी) के तहत होने वाले खारजी, खात्मे के संबंध में बालिका अपने परिजन के साथ कोर्ट में बयान देने पहुंची थी। उसने सिर में मांग भर रखी थी, हाथ में चूड़ा, पूरा सहागिन जैसा श्रंगार कर रखा था। यह सब देख कोर्ट ने संज्ञान ले लिया। उन्हें खुद आश्चर्य हुआ कि इतनी छोटी बच्ची आखिरकार यह कैसी दुल्हन है?

बाल विवाह, बाल सगाई वाला राजगढ़ जिला

बाल विवाह, बाल सगाई सहित अन्य नातरा-झगड़ा कुप्रथाओं के चलते जिले का नाम खराब हो रहा है। बाल विवाह और बाल सगाई के बढ़े मामले इस बात का प्रमाण हैं। यानी बाल विवाह, बाल सगाई वाला यह राजगढ़ जिला है। जिसके किस्से जिले के साथ ही प्रदेश और देशभर में खूब हैं। यही बाल सगाई और विवाह आगे जाकर नातरा-झगड़े का रूप ले लेते हैं। जिससे न सिर्फ विवाद की स्थितियां बनती हैं बल्कि कई लोगों के यहां नुकसान भी किया जाता है। इसी साल नातरा-झगड़ा में कई लोगों के घरों में आग लगा दी गई। नुकसान हुआ। बाल विवाह के कुछ मामलों में एफआइआर प्रशासन ने भी कराई लेकिन इनकी संख्या काफी कम थी। इनमें मीडिया, सोशल मीडिया और सामाजिक संगठनों के माध्यम से बताए जाने के बाद बाल विवाह रोकने के प्रयास किए गए, बिना सूचना के अलग से बाल विवाह खोजकर लाकर और उसे रुकवाने का काम महिला बाल विकास विभाग या अन्य ने न के बराबर किए हैं।

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