चंद्रेसल मठ में मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज (35) की निर्मम हत्या के 48 घंटे बाद भी पुलिस मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। पुलिस अब तक जांच को विभिन्न पहलुओं से आगे बढ़ा रही है। हालांकि हिरासत में लिए गए लोगों से रविवार को कड़ी पूछताछ की गई, जिसमें कुछ तथ्य सामने आए हैं। इन्हीं के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन कर दिया है। एसपी तेजस्वनी गौतम रविवार को एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचीं और गहनता से पड़ताल कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने रात में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर दिनभर की जांच की प्रगति की समीक्षा भी की।
काले रंग की कार पर शक, जांच के घेरे में कई पहलू
पुलिस विभिन्न एंगल से जांच में जुटी है। टीमों को सवाई माधोपुर क्षेत्र तक भी भेजा गया है। ग्रामीणों ने मठ के आसपास एक काले रंग की कार देखी थी, जिसे लेकर पुलिस अब उस वाहन और उससे जुड़े व्यक्तियों की जानकारी जुटा रही है। जांच टीम सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।
सीसीटीवी नहीं होने से जांच में बढ़ी चुनौती
पुलिस को इस हत्याकांड के खुलासे में सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरों का अभाव है। घटना स्थल से करीब पांच किलोमीटर के दायरे में कोई प्रभावी सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला है। ऐसे में आरोपियों की आवाजाही, वाहन की पहचान और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना जांच टीम के लिए कठिन हो रहा है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।
ठोस या अहम सुराग हाथ नहीं लगा
पुलिस ने संदेह के आधार पर छह से सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन अब तक उनसे कोई ठोस या अहम सुराग हाथ नहीं लग सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूछताछ और जांच प्रक्रिया जारी रखे हुए है।
हर एंगल से जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन कर दिया गया है, जो अलग-अलग एंगल से जांच कर रहे हैं। खुलासे के लिए सभी संबंधित पुलिस अधिकारी और टीमें पूरी गंभीरता से कार्य कर रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी व्यापक पूछताछ की जा रही है।
– तेजस्वनी गौतम, सिटी एसपी कोटा


