डॉक्टर को आया ‘कार्डयिक अरेस्ट’, धमनियां देने लगी झटकें, ये 6 लक्षण न करें इग्नोर

डॉक्टर को आया ‘कार्डयिक अरेस्ट’, धमनियां देने लगी झटकें, ये 6 लक्षण न करें इग्नोर

Cardiac arrest: एमपी के ग्वालियर शहर में जीआरएमसी के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब यहां पढ़ाई कर रहे अंडमान-निकोबार निवासी एक छात्र डॉक्टर को अचानक गंभीर कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) आ गया। नाजुक हालत में उन्हें तुरंत कार्डियोलॉजी विभाग के आईसीयू में वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया है, जहां विशेषज्ञों की टीम उनकी जान बचाने के लिए चौबीसों घंटे इलाज में जुटी हुई है।

अचानक होने लगी तेज घबराहट

न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश शर्मा ने बताया कि अंडमान-निकोबार के रहने वाले छात्र डॉ. फैज करीब एक महीने पहले ही सुपर स्पेशियलिटी कोर्स की पढ़ाई के लिए ग्वालियर आए है। शुक्रवार को ड्यूटी के दौरान उन्हें अचानक तेज घबराहट महसूस हुई, जिसके बाद वे खुद चलकर न्यूरोसर्जरी विभाग पहुंचे। वहां मौजूद डॉ. शिवम शर्मा ने उनकी गंभीर स्थिति को तुरंत भांप लिया और तत्काल ईसीजी की। जांच में सामने आया कि डॉ. फैज को न सिर्फ गंभीर हार्ट अटैक आया है, बल्कि उनके दिल की धड़कनें बेकाबू होकर लगातार झटके दे रही है।

अंडमान से ग्वालियर आ गए थे माता-पिता

डॉ. फैज के साथ ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले बीते 20 मई को भी ड्यूटी के दौरान वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे, तब डॉक्टरों ने तुरंत इलाज कर उन्हें ठीक कर दिया था। उस घटना के बाद से ही चिंतित माता-पिता अंडमान से ग्वालियर आ गए थे और बेटे के साथ ही रह रहे थे। शुक्रवार को दोबारा तबीयत बिगड़ने से परिवार और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन बेहद चिंतित है।

विशेषज्ञों की टीम ने शुरू किया जीवन रक्षक इलाज

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अविनाश शर्मा, डॉ. अवधेश शुक्ला और डॉ. अरविंद गुप्ता ने तत्काल झटके रोकने का जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार शुरू किया। सूचना मिलते ही कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पुनीत रस्तोगी और डॉ. गौरव कवि भार्गव भी मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों की इस संयुक्त टीम ने तत्परता से डॉ. फेज की स्थिति को संभाला और उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किया।

ये होते हैं Cardiac arrest के लक्षण

अचनक से चेस्ट में बेचैनी- यह दबाव, जकड़न, भारीपन या दर्द जैसा महसूस हो सकता है, जो कुछ मिनटों तक रहे या चला जाए और वापस आ जाए।
दर्द होना- शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द-यह दर्द कंधों, बांहों (खासकर बाईं), पीठ, गर्दन, जबड़े, या पेट तक फैल सकता है।
सांस लेने में तकलीफ- सीने में दर्द के साथ या बिना सांस फूलना।
ठंडा पसीना- अचानक ठंडा और चिपचिपा पसीना आना।
मतली या उल्टी – पेट खराब लगना या उल्टी महसूस होना।
चक्कर आना – अचानक चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना।

रखें इन बातों का ध्यान

-अगर आपको सीने में दर्द महसूस हो, तो घबराएं नहीं, बैठ जाएं और शांत रहने की कोशिश करें।
-स्ट्रेस और एंग्जायटी दिल की हालत को और खराब कर सकते हैं।
-अगर आपके सामने वाला व्यक्ति हार्ट अटैक की वजह से बेहोश हो गया है या सांस नहीं ले रहा है, तो उसे तुरंत CPR दें।
-इसके लिए आपको उसके सीने के बीच वाले हिस्से को दोनों हाथों से दबाना होगा।
-ज्यादा समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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