DU प्रोफसर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, जमीनी विवाद बना मर्डर का कारण, तीन लोग हुए गिरफ्तार

DU प्रोफसर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, जमीनी विवाद बना मर्डर का कारण, तीन लोग हुए गिरफ्तार

Debosmita Paul Murder Case: दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम एन्क्लेव में रहने वाली दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल की हत्या का मामला आखिरकार सुलझ गया है। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे की वजह का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है। आपको बता दें कि इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 लोगों से पूछताछ की थी और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे। लंबी जांच के बाद सामने आया कि हत्या के पीछे जमीन से जुड़ा पुराना विवाद था।

पश्चिम बंगाल की जमीन बनी विवाद की जड़

पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉ. देबोस्मिता पॉल की हत्या के पीछे जमीन को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद था। दरअसल, पश्चिम बंगाल में उनके नाना की एक जमीन थी, जिसमें उनका भी हिस्सा था। परिवार के कुछ सदस्य उस जमीन को बेच देना चाहते थे, लेकिन देबोस्मिता इसके लिए तैयार नहीं थीं।

जमीन खरीदना चाहते थे किरायेदार

पुलिस के मुताबिक, जिस जमीन को लेकर विवाद था, उस पर एक किरायेदार दंपति रह रहा था। यह दंपति उस जमीन को खरीदना चाहता था। उन्होंने कई बार अपनी इच्छा जाहिर की, लेकिन डॉ. देबोस्मिता ने जमीन बेचने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने दिल्ली आकर उनसे सीधे बात करने का फैसला किया। पुलिस का कहना है कि इसी मुलाकात के दौरान हालात बिगड़ गए और मामला हिंसक हो गया।

बहस बढ़ने पर की हत्या

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी दंपति अपने बच्चे के साथ पश्चिम बंगाल से दिल्ली पहुंचे थे। वे सीधे प्रोफेसर के घर गए और जमीन को लेकर बातचीत शुरू हुई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। पुलिस का कहना है कि गुस्से में आरोपियों ने किसी भारी चीज से प्रोफेसर के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।

CCTV फुटेज ने खोला पूरा राज

हत्या के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में तीन लोग मास्क लगाए हुए नजर आए। पुलिस ने उनकी गतिविधियों और आने-जाने के रास्तों को पूरा जांच पड़ताल की है। तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच पाई है। इसके बाद तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें कई जरूरी जानकारियां सामने आईं और हत्या की गुत्थी सुलझ गई।

पति से अलग रह रही थीं प्रोफेसर

डॉ. देबोस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी विभाग की सहायक प्रोफेसर थीं। साल 2017 में उनकी शादी हुई थी, लेकिन पारिवारिक मतभेदों के कारण वह 2022 से अपने पति से अलग रह रही थीं और दिल्ली में अकेले रहकर अपनी पर्सनल लाइफ पर ध्यान दे रही थी।

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