MPPSC- जबलपुर हाईकोर्ट ने एमपी पीएससी को असिस्टेंट प्रोफेसर कम्प्यूटर साइंस भर्ती परीक्षा-2024 के परिणाम घोषित करने की सशर्त अनुमति दी है। जस्टिस प्रणय वर्मा व जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने कहा कि जिन उम्मीदवारों ने कोई याचिका दायर नहीं की है, उनके परिणाम घोषित कर सकते हैं। याचिकाकर्ताओं के परिणाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। उनके परिणाम सीलबंद लिफाफे में रखे जाएंगे। वे कोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी।
छतरपुर के हरचंडी अहिरवार सहित अन्य उम्मीदवारों ने परीक्षा के संबंध में याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं में उच्च शिक्षा विभाग और एमपीपीएससी की ओर से 24 एवं 30 दिसंबर 2024 को जारी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती विज्ञापनों को चुनौती दी है।
याचिकाकर्ताओं ने अनुभव के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत अंकों के प्रावधान पर सवाल उठाए। इसके साथ ही आरक्षण से संबंधित लाभ नहीं देने का आरोप लगाया। याचिका में समान अवसर के अधिकार के उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया गया है।
जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की
मप्र हाईकोर्ट के जस्टिस प्रणय वर्मा और जस्टिस जेके पिल्लई की डिवीजन बेंच ने याचिकाओं पर सुनवाई की। संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने एमपीपीएससी को कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 के रिजल्ट घोषित करने की सशर्त अनुमति दे दी। कोर्ट ने उच्च शिक्षा विभाग और एमपीपीएससी द्वारा 24 एवं 30 दिसंबर 2024 को जारी भर्ती विज्ञापनों को दी गई चुनौती पर अपना आदेश जारी किया।
हाईकोर्ट ने आदेश में याचिकाकर्ताओं के रिजल्ट सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखने को कहा ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। बता दें कि लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके याचिकाकर्ताओं को 17 मार्च 2026 को हाईकोर्ट ने साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति दी थी, लेकिन रिजल्ट घोषित करने पर पाबंदी लगा दी थी।
एमपीपीएससी की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन
एमपीपीएससी की ओर से हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन दायर कर कहा गया कि कम्प्यूटर विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के रिजल्ट घोषित नहीं होने से चयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। राज्य शासन और एमपीपीएससी के पक्ष सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने रिजल्ट घोषित करने की सशर्त अनुमति दी।


