Dhamtari News: धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक से स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सांकरा गांव के 34 वर्षीय आदिवासी युवक तीरथ राम कंवर की कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के चलते मौत हो गई। आरोप है कि मामूली बुखार के इलाज के लिए ले जाए गए युवक को बिना उचित जांच और चिकित्सकीय प्रक्रिया के भारी मात्रा में दवाइयां और ग्लूकोज चढ़ाया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। बाद में उसे बिना किसी लाइफ सपोर्ट व्यवस्था के रेफर कर दिया गया, जिसके चलते रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
Dhamtari News: मामूली बुखार के इलाज में हुई बड़ी लापरवाही
जानकारी के अनुसार, सांकरा निवासी तीरथ राम कंवर को कुछ दिनों से बुखार की शिकायत थी। परिजन उसे उपचार के लिए भोथीडीह स्थित एक कथित डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टर ने न तो किसी प्रकार की जांच कराई और न ही बीमारी का सही आकलन किया। इसके बावजूद मरीज को ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई गई और हैवी डोज की दवाइयां दी गईं।परिजनों का कहना है कि उपचार के कुछ ही समय बाद युवक की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे बेचैनी होने लगी और शारीरिक स्थिति लगातार खराब होती गई। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो कथित डॉक्टर ने खुद को बचाने के लिए मरीज को अन्यत्र रेफर करने का निर्णय लिया।
बिना एम्बुलेंस और लाइफ सपोर्ट के किया रेफर
आरोप है कि गंभीर हालत में भी मरीज को न तो एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई और न ही कोई चिकित्सकीय सहायता या लाइफ सपोर्ट सिस्टम दिया गया। युवक को एक निजी कार में बैठाकर नवापारा अस्पताल के लिए रवाना कर दिया गया। रास्ते में उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक के मुंह और नाक से खून बहने लगा। परिजन घबराकर उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करते रहे, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
तीरथ राम कंवर अपने परिवार का इकलौता बेटा और एकमात्र कमाऊ सदस्य था। उसकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट गया है। वृद्ध माता-पिता के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है, वहीं एक मासूम बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव में इस घटना के बाद शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
आदिवासी समाज ने खोला मोर्चा
घटना के बाद सर्व आदिवासी समाज ने मामले को गंभीरता से लिया है। समाज के जिला अध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से फर्जी और झोलाछाप डॉक्टर सक्रिय हैं, जिनकी वजह से कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की अनदेखी के कारण ऐसे अवैध क्लीनिक खुलेआम संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की बैठक आयोजित कर पीड़ित परिवार के साथ थाने पहुंचकर आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराने की मांग की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में संचालित सभी अवैध क्लीनिकों की जांच कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की जाएगी।


