MCG Gurugram Sewer Sensors Installation: आगामी मानसून के दौरान गुरुग्राम की सड़कों को तालाब बनने और सीवर ओवरफ्लो की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम गुरुग्राम (MCG) ने एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि निगम ने शहर के संवेदनशील इलाकों और मुख्य सीवर लाइनों में एडवांस मॉनिटरिंग सेंसर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए MCG ने IIT गांधीनगर के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप ‘AIResQ’ के साथ हाथ मिलाया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेंसर तकनीक के जरिए सीवर नेटवर्क की रियल-टाइम निगरानी करेगा।
कैसे काम करेगा यह हाई-टेक सिस्टम?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबकि, अतिरिक्त आयुक्त यश जालुका ने इस प्रोजेक्ट को लेकर बताया है कि पिछले साल नवंबर में IIT गांधीनगर के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके अनुसार, सीवर नेटवर्क में पानी का स्तर तय सीमा से ऊपर जाते ही या किसी भी तरह की रुकावट होते ही यह सेंसर तुरंत MCG के कंट्रोल रूम को ऑटोमैटिक अलर्ट भेज देगा। आम तौर पर फ्लड मैपिंग मॉडल खराबी ढूंढने में 2 से 3 दिन का समय लेते हैं, लेकिन यह एडवांस सिस्टम महज 5 मिनट में समस्या वाली जगह को चिन्हित कर फ्लैग कर देता है। MCG ने 50 डेटा एंट्री ऑपरेटर्स को काम पर रखा है, जो सेंसर से मिलने वाली जानकारी को तुरंत जूनियर इंजीनियरों (JEs) तक पहुंचाएंगे ताकि तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया जा सके।
वहीं, इस नए और आधुनिक प्रोजेक्ट को लेकर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया ने कहा कि यह तकनीक आधारित प्रोएक्टिव मॉनिटरिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे सड़कों पर गंदा पानी जमा होने से पहले ही टीमें उसे ठीक कर सकेंगी, जिससे जलभराव और जनस्वास्थ्य से जुड़े खतरों को टाला जा सकेगा। फिलहाल इस योजना को पायलट बेसिस पर शुरू किया गया है, जिसके तहत शहर के 15 बाढ़ संभावित इलाकों में 20 स्ट्रीट फ्लड-डेप्थ सेंसर (सड़कों पर पानी की गहराई मापने वाले) और 20 मैनहोल/सीवर-वॉच सेंसर लगाए जा चुके हैं।
GIS-मैप डेटा का इस्तेमाल
इस डेटा को फीड करने के लिए निगम ने अपने पानी और सीवर कनेक्शन के GIS-मैप डेटा का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, एक विशेष डैशबोर्ड भी तैयार किया जा रहा है जो जलभराव रोकने के लिए ‘रेनवाटर हार्वेस्टिंग’ जैसे क्षेत्र-विशिष्ट सुझाव देगा। साथ ही, भविष्य में नागरिकों को जलभराव वाले रास्तों की एडवांस जानकारी देकर ट्रैफिक रूट डायवर्जन बताने वाला मॉडल भी कतार में है।
इन पॉश कॉलोनियों और मुख्य रास्तों को दी गई प्राथमिकता
MCG ने गुरुग्राम की उन प्रमुख वीआईपी कॉलोनियों और ट्रैफिक कॉरिडोर को प्राथमिकता दी है, जहां हर साल भारी जलभराव होता है। इनमें सुशांत लोक फेज 3, सुशांत लोक 2 (F और G ब्लॉक) और सुशांत लोक के गुलाब पार्क रोड पर सेंसर लगाए जा रहे हैं। मॉडल डायग्नोस्टिक्स के मुताबिक, गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर 2.98 मीटर तक बाढ़ की गहराई का अनुमान है, इसलिए यह हाई-प्रायोरिटी जोन है। अन्य पॉश सोसायटियों में आर्डी सिटी (गेट नंबर 3), रोजवुड सिटी (C ब्लॉक), साउथ सिटी A1 ब्लॉक (मालिबू टाउन क्लस्टर के पास) और विकास मार्ग पर सेक्टर 46 को शामिल किया गया है। सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के आसपास ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए हरिजन बस्ती और ब्रिस्टल चौक से सिकंदरपुर एंट्री पॉइंट के पास भी सेंसर लगाए जाएंगे।


