DU प्रोफेसर हत्याकांड में आया नया मोड़, सीसीटीवी में दिखे दो रहस्यमयी नकाबपोश, कौन हैं ये दो लोग?

DU प्रोफेसर हत्याकांड में आया नया मोड़, सीसीटीवी में दिखे दो रहस्यमयी नकाबपोश, कौन हैं ये दो लोग?

DU Professor Murder Case: दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबस्मिता पॉल की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी दिल्ली पुलिस को जांच के दौरान कुछ सुराग मिले हैं। सीसीटीवी फुटेज में एक नकाबपोश पुरुष और एक महिला संदिग्ध रूप से सोसायटी से बाहर निकलते दिखाई दिए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या ये दोनों हत्या के दिन प्रोफेसर के फ्लैट तक पहुंचे थे या नहीं। इसी कड़ी में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

180 लोगों की जांच

हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास संदिग्ध समय में आने-जाने वाले 180 लोगों की पहचान की थी। इनमें से 167 लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें जांच से बाहर कर दिया गया है। हालांकि 13 लोगों की गतिविधियां अब भी शक के घेरे में हैं। पुलिस इन सभी के मूवमेंट, कॉल डिटेल और बाकी जानकारियां खंगाल रही है। नकाबपोश पुरुष और महिला भी इन्हीं संदिग्धों की लिस्ट में शामिल हैं।

दोपहर से शाम के बीच हुई हत्या

पुलिस जांच में सामने आया है कि डॉ. देबस्मिता पॉल की हत्या बुधवार दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे के बीच की गई। जांचकर्ताओं के अनुसार उन्होंने आखिरी बार दोपहर करीब 12:30 बजे एक परिचित महिला से फोन पर बात की थी। इसके बाद उनसे किसी का संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले और बाद में उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।

कैसे मिली जानकारी?

बुधवार शाम करीब 6 बजे एक प्लंबर किसी काम से उनके फ्लैट पर पहुंचा था। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ है। उसे लगा कि घर में कोई नहीं है, इसलिए वह बिना किसी शक के वापस लौट गया। उस समय किसी को अंदाजा भी नहीं था कि फ्लैट के अंदर कुछ गंभीर हो चुका है। अगले दिन डॉ. देबस्मिता को प्रमोशन इंटरव्यू में शामिल होना था। इसी वजह से गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे उनके ड्राइवर संजय उन्हें लेने पहुंचे। कुछ देर इंतजार करने के बाद भी जब वह बाहर नहीं आईं तो संजय ने उन्हें फोन किया। फोन की घंटी तो बज रही थी, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा था। कई बार कॉल करने के बाद संजय फ्लैट के पास पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ है और सुबह का अखबार भी बाहर ही पड़ा है। चूंकि देबस्मिता रोज सुबह अखबार पढ़ती थीं, इसलिए यह बात उन्हें असामान्य लगी। इसके बाद उन्होंने तुरंत उनकी बहन देवराती पॉल को फोन कर पूरी जानकारी दी।

बहन तुरंत पहुंची अपार्टमेंट

संजय की सूचना मिलने के बाद देवराती पॉल ने भी अपनी बहन से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंता बढ़ने पर वह तुरंत अपार्टमेंट पहुंचीं। वहां आरडब्ल्यूए की मदद से फ्लैट का ताला तुड़वाया गया। जैसे ही दरवाजा खुला, अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए।

पति से भी होगी पूछताछ

पुलिस इस हत्याकांड में हर एंगल से जांच कर रही है। इसी कड़ी में डॉ. देबस्मिता पॉल के पति देव शंकर साहनी को भी पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है। दोनों की शादी साल 2017 में हुई थी, लेकिन फिलहाल उनका तलाक का मामला अदालत में चल रहा था। पुलिस उनके संबंधों और हालिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है। वहीं जांच में सामने आया है कि अपार्टमेंट में बाहरी लोगों की एंट्री पर ज्यादा निगरानी नहीं थी। विजिटर्स की पूरी जानकारी दर्ज नहीं की जाती थी और परिसर के कई सीसीटीवी कैमरे भी खराब पड़े थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *