Iitian Abhishek Mishra Case Update: धर्म और अध्यात्म की नगरी ब्रज में जहां श्रद्धालु आत्मिक शांति और भक्ति की तलाश में आते हैं, वहीं ओडिशा के रहने वाले आईआईटीयन अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास पर भक्ति की आड़ में युवतियों का शोषण करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उसने राधाकुंड स्थित अपने आश्रम में युवतियों को प्रभाव में लेकर उनका मानसिक और शारीरिक शोषण किया तथा गंधर्व विवाह के नाम पर उन्हें भ्रमित करता रहा। मामले का खुलासा एक पीड़िता की शिकायत के बाद हुआ।
कोर्ट में पेशी के बाद भेजा गया जेल
उच्च शिक्षित युवक-युवतियों को अपने प्रभाव में लेने वाले आरोपी बाबा को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी के बाद मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि राधाकुंड स्थित आश्रम में यह गतिविधियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं।
बाबा के खिलाफ खुलकर सामने आने लगीं पीड़िताएं
आरोपी के जेल पहुंचने के बाद उसके प्रभाव से बाहर निकली दो अन्य युवतियों ने भी हिम्मत जुटाकर गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। दोनों युवतियों ने आरोप लगाया है कि अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास ने उन्हें नशीला पदार्थ देकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। पुलिस ने इन शिकायतों को भी मुख्य मुकदमे का हिस्सा बना लिया है।
अन्य पीड़िताओं तक पहुंचने की कोशिश में पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आश्रम से जुड़े अन्य युवक-युवतियों से भी संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के न्यायालय में बयान दर्ज कराए जाएंगे। इस मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज कराने वाली छत्तीसगढ़ के बाल्को-कोरबा क्षेत्र की बीएससी नर्सिंग छात्रा के बयान पहले ही कोर्ट में दर्ज किए जा चुके हैं।
आश्रम से मिले दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य खंगाल रही पुलिस
ग्रामीण एसपी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। दो अन्य पीड़िताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। आश्रम से बरामद दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आरोपी के मोबाइल फोन की गहन जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आश्रम में बनाई थी 24 युवक-युवतियों की कोर टीम
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी ने आश्रम में करीब 24 युवक-युवतियों की एक कोर टीम तैयार कर रखी थी। बताया जा रहा है कि इस टीम में बी-टेक, एम-टेक और एमबीए जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर चुके उच्च शिक्षित युवा बाबा के ‘सम्मोहन’ में थे। आरोप ये भी है कि ये लोग सोशल मीडिया पर वीडियो और रील्स के माध्यम से बाबा का प्रचार-प्रसार करते थे, जिससे अन्य शिक्षित युवक-युवतियां भी आश्रम की ओर आकर्षित होते थे।
खुद को कृष्ण का अवतार बताने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी युवाओं को आध्यात्मिकता का पाठ पढ़ाता था और खुद को भगवान कृष्ण का अवतार बताता था। आरोप है कि इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर वह युवतियों का यौन शोषण करता था। बाद में कुछ युवकों और युवतियों के बीच कथित रूप से गंधर्व विवाह भी करवाता था।
आरोपी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, आरोपी अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उसका कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कराने वाली युवती से उसका कोई संबंध नहीं है और उसके खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
पुलिस जांच पर टिकी सबकी नजर
मामले में लगातार नए खुलासे सामने आने के बाद पुलिस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब आश्रम से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और संभावित पीड़िताओं के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


