दो दिन और चलता ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तो भारत में मिल जाता POK, रक्षा मंत्री के सामने जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान

दो दिन और चलता ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तो भारत में मिल जाता POK, रक्षा मंत्री के सामने जगद्गुरु रामभद्राचार्य का बड़ा बयान

Operation Sindoor POK Claim: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने देश की सियासत और रक्षा नीति को लेकर एक बहुत ही चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर भारतीय सेना का ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ दो दिन और आगे चल जाता, तो पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (POK) आज भारत का हिस्सा होता। रामभद्राचार्य ने यह बात लखनऊ में चल रही ‘श्रीराम कथा’ के दौरान कही, जहां देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मेहमान के तौर पर मौजूद थे।

क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जिसके दम पर बदल जाता नक्शा?

रामभद्राचार्य ने मंच से बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के रहते हुए सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में चल रहे आतंकियों के 9 अड्डों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया था। अगर इस कार्रवाई को दो दिन और नहीं रोका जाता, तो POK का नक्शा ही बदल जाता।

क्यों शुरू हुआ था यह ऑपरेशन?

दरअसल, अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसी का बदला लेने और आतंकियों को सबक सिखाने के लिए मई 2025 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।

आर्मी चीफ से गुरु दक्षिणा में मांगा POK

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कथा में एक पुराना किस्सा भी सुनाया। जिसमें उन्होंने बताया कि जब देश के सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने उनसे दीक्षा ली, तो उन्होंने गुरु दक्षिणा देने की बात कही। इस पर जगद्गुरु ने उनसे कहा कि मुझे गुरु दक्षिणा में सिर्फ ‘पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर’ (POK) भारत के पास वापस चाहिए।

साल 2029 को लेकर की ये भविष्यवाणी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी आपके मजबूत कंधों पर है। उन्होंने भरोसा जताया कि साल 2029 में देश में फिर से नरेंद्र मोदी की सरकार बनेगी और राजनाथ सिंह एक बार फिर देश के रक्षा मंत्री बनेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मंच से दो बड़ी मांगें भी उठाई, पहली रामचरितमानस को देश का ‘राष्ट्रीय ग्रंथ’ बनाया जाए। और दूसरी चित्रकूट के दिव्यांग विश्वविद्यालय को ‘केंद्रीय विश्वविद्यालय’ का दर्जा दिया जाए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की तारीफ

इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वह जगद्गुरु को पिछले 30-32 साल से जानते हैं। उनके जैसी गजब की याददाश्त और प्रतिभा पूरी दुनिया में किसी के पास नहीं है। यह सिर्फ साधना नहीं, बल्कि ईश्वर की विशेष कृपा है। राजनाथ सिंह ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने ही इस विशेष दिव्यांग विश्वविद्यालय के लिए कानून बनाया था और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को आजीवन इसका कुलाधिपति नियुक्त किया था, जो देश में अपने आप में पहला और ऐतिहासिक फैसला था।

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