झारखंड में नशे के कारोबारियों के खिलाफ बड़ा एक्शन… मादक पदार्थों की जानकारी देने वालों को मिलेगा 2 लाख रुपए तक का इनाम

झारखंड में नशे के कारोबारियों के खिलाफ बड़ा एक्शन… मादक पदार्थों की जानकारी देने वालों को मिलेगा 2 लाख रुपए तक का इनाम

झारखंड सरकार ने नशे के कारोबार का नेटवर्क तोड़ने के लिए कैश रिवार्ड पॉलिसी लागू कर दी है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को इसका संकल्प जारी कर दिया। इस नियम के तहत अफीम, हेरोइन, ब्राउन शुगर और सिंथेटिक दवा जैसे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी देने वालों को सरकार तीन हजार रुपए से दो लाख रुपए तक का इनाम देगी। यह इनाम सिर्फ आम लोगों को ही नहीं, बल्कि तस्करों को रंगे हाथ दबोचने वाले पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को भी दिया जाएगा। इस पॉलिसी को 27 मई को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी। सरकार ने संकल्प में पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि जानकारी देने वालों का नाम-पता और कोई भी निजी जानकारी पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
कैसे तय होगी इनाम राशि: नशे की तस्करी की सटीक सूचना देने पर कम से कम 3000 रुपए और अधिकतम दो लाख रुपए तक का नकद इनाम मिलेगा। यह इनाम राशि इस बात पर निर्भर करेगा कि बरामद मादक पदार्थ किस श्रेणी का है और उसकी मात्रा कितनी है। किसे मिलेगा यह इनाम: कोई भी नागरिक जो ड्रग्स के धंधे की जानकारी पुलिस या संबंधित विभाग को देगा। यह सिर्फ आम जनता नहीं, अपनी जान जोखिम में डालकर नशा तस्करों को रंगे हाथ दबोचने वाले या भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त करने वाले पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को भी मिलेगा, ताकि उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। कैसे काम करेगी यह व्यवस्था: यह नीति पूरी तरह एनडीपीएस एक्ट 1985 के प्रावधानों के तहत लागू की गई है। इसके दायरे में अवैध उत्पादन, तस्करी, खरीद-बिक्री और अवैध परिवहन, सब कुछ शामिल है। राज्य सरकार इसके लिए उच्चस्तरीय विशेष समिति बनाएगी। यह सूचना की प्रमाणिकता और जब्ती की जांच के बाद दो लाख रुपए तक के पुरस्कार की अनुशंसा करेगी। अगर ड्रग्स की खेप अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय स्तर की है तो इनाम राशि दो लाख रुपए से अधिक की बनती है। ऐसे में इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को भेजा जाएगा। सूचना देने वालें पर हमला हुआ तो क्या होगा: सूचना देने वालों पर अगर हमला हुआ और उसकी मौत हो गई तो उसके आश्रित को 20 लाख रुपए दिए जाएंगे। स्थाई दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपए, 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता पर पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं गंभीर रूप से घायल होने तीन लाख और सामान्य रूप से घायल होने की स्थिति में 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। झारखंड सरकार ने नशे के कारोबार का नेटवर्क तोड़ने के लिए कैश रिवार्ड पॉलिसी लागू कर दी है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को इसका संकल्प जारी कर दिया। इस नियम के तहत अफीम, हेरोइन, ब्राउन शुगर और सिंथेटिक दवा जैसे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी देने वालों को सरकार तीन हजार रुपए से दो लाख रुपए तक का इनाम देगी। यह इनाम सिर्फ आम लोगों को ही नहीं, बल्कि तस्करों को रंगे हाथ दबोचने वाले पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को भी दिया जाएगा। इस पॉलिसी को 27 मई को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी। सरकार ने संकल्प में पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है कि जानकारी देने वालों का नाम-पता और कोई भी निजी जानकारी पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है
कैसे तय होगी इनाम राशि: नशे की तस्करी की सटीक सूचना देने पर कम से कम 3000 रुपए और अधिकतम दो लाख रुपए तक का नकद इनाम मिलेगा। यह इनाम राशि इस बात पर निर्भर करेगा कि बरामद मादक पदार्थ किस श्रेणी का है और उसकी मात्रा कितनी है। किसे मिलेगा यह इनाम: कोई भी नागरिक जो ड्रग्स के धंधे की जानकारी पुलिस या संबंधित विभाग को देगा। यह सिर्फ आम जनता नहीं, अपनी जान जोखिम में डालकर नशा तस्करों को रंगे हाथ दबोचने वाले या भारी मात्रा में ड्रग्स जब्त करने वाले पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को भी मिलेगा, ताकि उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। कैसे काम करेगी यह व्यवस्था: यह नीति पूरी तरह एनडीपीएस एक्ट 1985 के प्रावधानों के तहत लागू की गई है। इसके दायरे में अवैध उत्पादन, तस्करी, खरीद-बिक्री और अवैध परिवहन, सब कुछ शामिल है। राज्य सरकार इसके लिए उच्चस्तरीय विशेष समिति बनाएगी। यह सूचना की प्रमाणिकता और जब्ती की जांच के बाद दो लाख रुपए तक के पुरस्कार की अनुशंसा करेगी। अगर ड्रग्स की खेप अंतरराष्ट्रीय या अंतरराज्यीय स्तर की है तो इनाम राशि दो लाख रुपए से अधिक की बनती है। ऐसे में इसे अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार की नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को भेजा जाएगा। सूचना देने वालें पर हमला हुआ तो क्या होगा: सूचना देने वालों पर अगर हमला हुआ और उसकी मौत हो गई तो उसके आश्रित को 20 लाख रुपए दिए जाएंगे। स्थाई दिव्यांगता होने पर 10 लाख रुपए, 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता पर पांच लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं गंभीर रूप से घायल होने तीन लाख और सामान्य रूप से घायल होने की स्थिति में 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।  

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