साइबर थाने की पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार कर लिया। इनमें कदमकुआं की रहने वाली महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.66 करोड़ की वसूली करने वाला हुगली के सेरामपोर का शुभम रॉय और एक जज से बिजली मीटर अपडेट करने के नाम पर 56,100 रुपए की ठगी करने वाला हुगली के पंडुआ का अंचल चटर्जी शामिल है। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया। थानेदार नीतीश चंद्र धारिया ने कहा कि दोनों से पूछताछ में कई शातिरों के नाम मिले हैं। वे भी जल्द गिरफ्तार होंगे। शुभम 12वीं तक पढ़ा है। दिसंबर 2025 में कोलकाता पुलिस ने उसे 1 करोड़ की ठगी में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। वह मछली के व्यवसाय की आड़ में साइबर ठगी का गिरोह चलाता है। पूछताछ में उसने बताया कि महिला प्रोफेसर से ठगी में उसके साथ पांच आैर शातिर शामिल थे। वे गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी के रहने वाले हैं। पांचों की पहचान पुलिस ने कर ली है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। 10 प्रतिशत कमीशन पर दिया था खाता अंचल चटर्जी 10वीं पास है और कोलकाता एवं हुगली में जमीन की खरीद-बिक्री करता है। जांच में आया कि गांधी मैदान इलाके के जितेश से बिजली बिल के नाम पर 56,100 रुपए की ठगी की राशि अंचल के खाते में आई थी। उसने पुलिस को बताया कि साइबर अपराधी को अपना खाता 10 प्रतिशत कमीशन पर दिया था। पुलिस को उसने बिजली के नाम पर ठगी करने वाले शातिरों की जानकारी दे दी है। अपराधियों तक पहुंच रहा बिजली कंज्यूमर का डाटा बिजली बिल या मीटर के नाम पर ठगी का मामला गंभीर हो गया है। शातिर अब लोगों को उनका कंज्यूमर नंबर बताकर ठगी कर रहे हैं। साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट की जांच में भी बात आई है। कोई व्यक्ति बिजली के कनेक्शन के लिए अप्लाई करता है, उसके एक-दो दिन के अंदर उसके पास शातिर बिजली अधिकारी बनकर ठगी का प्रयास करता है। सीसीएसयू और पटना साइबर थाने की पुलिस को आशंका है कि बिजली कंपनी के कर्मी ही उपभोक्ताओं का डाटा अपराधियों तक पहुंचा रहे हैं। साइबर थाने की पुलिस इस दिशा में जांच भी कर रही है। जनवरी से मई तक 50 से अधिक लोगों से बिजली बिल के नाम पर ठगी हो गई है। साइबर थाने की पुलिस ने दो साइबर अपराधियों को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार कर लिया। इनमें कदमकुआं की रहने वाली महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 2.66 करोड़ की वसूली करने वाला हुगली के सेरामपोर का शुभम रॉय और एक जज से बिजली मीटर अपडेट करने के नाम पर 56,100 रुपए की ठगी करने वाला हुगली के पंडुआ का अंचल चटर्जी शामिल है। पूछताछ के बाद दोनों को जेल भेज दिया। थानेदार नीतीश चंद्र धारिया ने कहा कि दोनों से पूछताछ में कई शातिरों के नाम मिले हैं। वे भी जल्द गिरफ्तार होंगे। शुभम 12वीं तक पढ़ा है। दिसंबर 2025 में कोलकाता पुलिस ने उसे 1 करोड़ की ठगी में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था। वह मछली के व्यवसाय की आड़ में साइबर ठगी का गिरोह चलाता है। पूछताछ में उसने बताया कि महिला प्रोफेसर से ठगी में उसके साथ पांच आैर शातिर शामिल थे। वे गुजरात, महाराष्ट्र और यूपी के रहने वाले हैं। पांचों की पहचान पुलिस ने कर ली है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। 10 प्रतिशत कमीशन पर दिया था खाता अंचल चटर्जी 10वीं पास है और कोलकाता एवं हुगली में जमीन की खरीद-बिक्री करता है। जांच में आया कि गांधी मैदान इलाके के जितेश से बिजली बिल के नाम पर 56,100 रुपए की ठगी की राशि अंचल के खाते में आई थी। उसने पुलिस को बताया कि साइबर अपराधी को अपना खाता 10 प्रतिशत कमीशन पर दिया था। पुलिस को उसने बिजली के नाम पर ठगी करने वाले शातिरों की जानकारी दे दी है। अपराधियों तक पहुंच रहा बिजली कंज्यूमर का डाटा बिजली बिल या मीटर के नाम पर ठगी का मामला गंभीर हो गया है। शातिर अब लोगों को उनका कंज्यूमर नंबर बताकर ठगी कर रहे हैं। साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट की जांच में भी बात आई है। कोई व्यक्ति बिजली के कनेक्शन के लिए अप्लाई करता है, उसके एक-दो दिन के अंदर उसके पास शातिर बिजली अधिकारी बनकर ठगी का प्रयास करता है। सीसीएसयू और पटना साइबर थाने की पुलिस को आशंका है कि बिजली कंपनी के कर्मी ही उपभोक्ताओं का डाटा अपराधियों तक पहुंचा रहे हैं। साइबर थाने की पुलिस इस दिशा में जांच भी कर रही है। जनवरी से मई तक 50 से अधिक लोगों से बिजली बिल के नाम पर ठगी हो गई है।


