कांके डैम को गंदा करने वाली नालियां बंद होंगी। सरोवर नगर, कांके रोड डैम साइड, इंद्रपुरी, पंडरा व पंचशील नगर सहित 20 से अधिक मुहल्लों में अब लोगों को घर के गंदे पानी की निकासी के लिए शॉकपिट बनाना होगा। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शुक्रवार को कांके डैम का निरीक्षण करने के बाद यह आदेश दिया। नगर आयुक्त ने इन मुहल्लों से आने वाली नालियों को डायवर्ट करने की योजना बनाने को कहा, ताकि गंदा पानी डैम में न जा सके। डैम को बचाने के लिए उन्होंने स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि डैम के पूरे क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराएं। ड्रोन मैपिंग करके कैचमेंट एरिया में प्लॉटवार अतिक्रमण चिह्नित करें। अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को चिह्नित कर उसे हटाएं। साथ ही डैम के पूरे क्षेत्र की मापी कर घेराबंदी करें, जिससे भविष्य में अतिक्रमण न हो। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों नगर विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कांके डैम को संरक्षित करने का निर्देश दिया था। सीएम के निर्देश के बाद नगर आयुक्त सुशांत गौरव जलाशयों के संरक्षण के लिए लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। 10 साल में नहीं बना सीवरेज-ड्रेनेज, कहां बहेगा पानी रांची के जोन वन में पिछले 10 साल से सीवरेज प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसके अंतर्गत कांके डैम के तीन तरफ बसे मुहल्ले आते हैं। सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू हो जाता तो अधिकतर घरों का सीवर पाइप से जुड़ जाता। ऐसे में घरों की गंदगी नाली के सहारे डैम में नहीं जाती। ऐसे में पानी कहां बहेगा। दूसरी आेर नगर निगम ने शहर में नालियां पर करोड़ों खर्च किया, लेकिन अधिकतर नालियां एक-दूसरे से नहीं जुड़ी है। ऐसे में डैम के किनारे बसे मुहल्लों का गंदा पानी सीधे डैम में जा रहा है। इसी डैम के पानी को फिल्टर करके शहर के एक लाख से अधिक लोगों को आपूर्ति की जा रही है। डैम के 15 मीटर दायरे में बने घर अतिक्रमण माने जाएंगे: नगर आयुक्त ने मास्टर प्लान के अनुसार वाटर बॉडी के क्षेत्र का निर्धारण करने के लिए कहा है। यानी कांके डैम के 15 मीटर के दायरे में जो भी घर हैं, उस पर कार्रवाई होगी। ऐसे भवनों को कब्जा मानते हुए निगम अवैध निर्माण का केस दर्ज करेगा। कब्जा हटाने की कार्रवाई भी होगी। डैम के चारों ओर वॉक-वे बनेगा, हरियाली बढ़ेगी: कांके डैम को बचाने के लिए चारों ओेर से घेराबंदी के अलावा एंड-टू-एंड वॉक-वे का निर्माण होगा। नगर आयुक्त ने इंजीनियरों को इसका प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वॉक-वे के साथ पौधरोपण भी होगा, ताकि चारों ओेर हरियाली दिखे। आज से होगी कार्रवाई, कई घरों की बाउंड्री टूटेगी: कांके डैम के क्षेत्र की मापी का काम शनिवार से शुरू होगा। नगर आयुक्त ने डैम के क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रहे खटालों औैर संरचनाओं को तत्काल तोड़ने का निर्देश दिया है। वीड हार्वेस्टिंग मशीन से हटेगी जलकुंभी, गाद भी हटेगा कांके डैम में चारों ओर जलकुंभी है। नगर निगम द्वारा लंबे समय से जलकुंभी निकाला जा रहा है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली है। इसे देखते हुए वीड हार्वेस्टिंग मशीन से जलकुंभी हटाई जाएगी। साथ ही पोकलेन मशीन से डैम का गाद निकाला जाएगा, ताकि मानसून में डैम में अधिक से अधिक पानी का भराव हो सके। कांके डैम को गंदा करने वाली नालियां बंद होंगी। सरोवर नगर, कांके रोड डैम साइड, इंद्रपुरी, पंडरा व पंचशील नगर सहित 20 से अधिक मुहल्लों में अब लोगों को घर के गंदे पानी की निकासी के लिए शॉकपिट बनाना होगा। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने शुक्रवार को कांके डैम का निरीक्षण करने के बाद यह आदेश दिया। नगर आयुक्त ने इन मुहल्लों से आने वाली नालियों को डायवर्ट करने की योजना बनाने को कहा, ताकि गंदा पानी डैम में न जा सके। डैम को बचाने के लिए उन्होंने स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि डैम के पूरे क्षेत्र का ड्रोन सर्वे कराएं। ड्रोन मैपिंग करके कैचमेंट एरिया में प्लॉटवार अतिक्रमण चिह्नित करें। अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों को चिह्नित कर उसे हटाएं। साथ ही डैम के पूरे क्षेत्र की मापी कर घेराबंदी करें, जिससे भविष्य में अतिक्रमण न हो। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों नगर विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कांके डैम को संरक्षित करने का निर्देश दिया था। सीएम के निर्देश के बाद नगर आयुक्त सुशांत गौरव जलाशयों के संरक्षण के लिए लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। 10 साल में नहीं बना सीवरेज-ड्रेनेज, कहां बहेगा पानी रांची के जोन वन में पिछले 10 साल से सीवरेज प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसके अंतर्गत कांके डैम के तीन तरफ बसे मुहल्ले आते हैं। सीवरेज प्रोजेक्ट शुरू हो जाता तो अधिकतर घरों का सीवर पाइप से जुड़ जाता। ऐसे में घरों की गंदगी नाली के सहारे डैम में नहीं जाती। ऐसे में पानी कहां बहेगा। दूसरी आेर नगर निगम ने शहर में नालियां पर करोड़ों खर्च किया, लेकिन अधिकतर नालियां एक-दूसरे से नहीं जुड़ी है। ऐसे में डैम के किनारे बसे मुहल्लों का गंदा पानी सीधे डैम में जा रहा है। इसी डैम के पानी को फिल्टर करके शहर के एक लाख से अधिक लोगों को आपूर्ति की जा रही है। डैम के 15 मीटर दायरे में बने घर अतिक्रमण माने जाएंगे: नगर आयुक्त ने मास्टर प्लान के अनुसार वाटर बॉडी के क्षेत्र का निर्धारण करने के लिए कहा है। यानी कांके डैम के 15 मीटर के दायरे में जो भी घर हैं, उस पर कार्रवाई होगी। ऐसे भवनों को कब्जा मानते हुए निगम अवैध निर्माण का केस दर्ज करेगा। कब्जा हटाने की कार्रवाई भी होगी। डैम के चारों ओर वॉक-वे बनेगा, हरियाली बढ़ेगी: कांके डैम को बचाने के लिए चारों ओेर से घेराबंदी के अलावा एंड-टू-एंड वॉक-वे का निर्माण होगा। नगर आयुक्त ने इंजीनियरों को इसका प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वॉक-वे के साथ पौधरोपण भी होगा, ताकि चारों ओेर हरियाली दिखे। आज से होगी कार्रवाई, कई घरों की बाउंड्री टूटेगी: कांके डैम के क्षेत्र की मापी का काम शनिवार से शुरू होगा। नगर आयुक्त ने डैम के क्षेत्र में अवैध तरीके से चल रहे खटालों औैर संरचनाओं को तत्काल तोड़ने का निर्देश दिया है। वीड हार्वेस्टिंग मशीन से हटेगी जलकुंभी, गाद भी हटेगा कांके डैम में चारों ओर जलकुंभी है। नगर निगम द्वारा लंबे समय से जलकुंभी निकाला जा रहा है, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली है। इसे देखते हुए वीड हार्वेस्टिंग मशीन से जलकुंभी हटाई जाएगी। साथ ही पोकलेन मशीन से डैम का गाद निकाला जाएगा, ताकि मानसून में डैम में अधिक से अधिक पानी का भराव हो सके।


