Rajasthan: उज्जैन महाकाल मंदिर में कराई कालसर्प पूजा, लेकिन पूजा खत्म होते ही हो गया अरेस्ट, की थी ये बड़ी गलती

Rajasthan: उज्जैन महाकाल मंदिर में कराई कालसर्प पूजा, लेकिन पूजा खत्म होते ही हो गया अरेस्ट, की थी ये बड़ी गलती

Rajasthan Crime News: कुंडली का दोष तो दूर नहीं हुआ, लेकिन किस्मत का दोष जरूर एक्टिव हो गया! मध्य प्रदेश के नीमच का एक शातिर तस्कर अपनी जान बचाने और पुलिस से पीछा छुड़ाने के लिए बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंचा था। वहां उसने पूरे विधि-विधान से कालसर्प दोष की पूजा भी की, लेकिन जैसे ही हवन खत्म हुआ और उसने पैर पीछे मोड़े, सामने सादे कपड़ों में खड़ी राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम (ANTF) मौत बनकर सामने खड़ी थी। आखिर 3 साल से फरार इस शातिर अपराधी ने अपनी आस्था के चक्कर में वो कौन सी ‘एक बड़ी गलती’ कर दी, जिससे पुलिस सीधे उसके हवन कुंड तक पहुंच गई ? पढ़िए इस फिल्मी गिरफ्तारी की पूरी इनसाइड स्टोरी…

भक्त बनकर पहुंची पुलिस, हवन के बीच दबोचा

एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी राकेश मूल रूप से मध्य प्रदेश के नीमच जिले, थाना बगाना, ग्राम आसपुरा का निवासी है। वह लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था, जिससे उस तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था। हाल ही में तकनीकी इनपुट और मुखबिरों से सूचना मिली कि आरोपी उज्जैन में कालसर्प दोष निवारण की पूजा के लिए आने वाला है।

पूजा खत्म होते ही कर लिया अरेस्ट

सूचना मिलते ही एएनटीएफ की टीम एक्टिव हुई और सादे कपड़ों में श्रद्धालुओं का भेष धरकर महाकाल मंदिर और उसके आसपास के परिसरों में तैनात हो गई। टीम लगातार संदिग्धों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान महाकाल मंदिर के समीप एक छोटे मंदिर में जब राकेश हवन.पूजन कर रहा था, तब पुलिसकर्मियों ने उसकी पहचान पुख्ता की और चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।

आईटीआई डिप्लोमा से तस्करी के साम्राज्य तक का सफर

पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। राकेश ने साल 2010 में आईटीआई का डिप्लोमा किया था। इसके बाद उसने कुछ समय खेती.किसानी में हाथ आजमाया। हालांकि जल्द ही वह मध्य प्रदेश में एक डोडा.पोस्त की दुकान पर काम करने लगा। यहीं से उसकी जिंदगी का टर्निंग पॉइंट आया। दुकान पर काम करने के दौरान उसका संपर्क मारवाड़, राजस्थान के बड़े ड्रग तस्करों से हुआ। पैसों की चमक देखकर राकेश ने तस्करी की दुनिया में कदम रख दिया और पिछले 10 सालों से वह इस अवैध धंधे में पूरी तरह सक्रिय था। वह मध्य प्रदेश से राजस्थान में मादक पदार्थों की बड़ी खेप सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का मुख्य हिस्सा बन चुका था।

अंतरराज्यीय नेटवर्क टूटने की उम्मीद

पिछले तीन सालों से फरार चल रहे राकेश की गिरफ्तारी को पुलिस बेहद अहम मान रही है। एएनटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, राकेश से होने वाली गहन पूछताछ में मध्य प्रदेश से लेकर राजस्थान तक फैले ड्रग्स और डोडा.पोस्त के पूरे सिंडिकेट, उसकी सप्लाई चेन और इस काले कारोबार में निवेश करने वाले अन्य सफेदपोश तस्करों के नाम सामने आ सकते हैं।

गौरतलब है कि एएनटीएफ इन दिनों देश के विभिन्न राज्यों में वांछित अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चला रही है। इस कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले टीम ने झारखंड के एक और इनामी अपराधी अंकित को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। फिलहाल पुलिस आरोपी राकेश को राजस्थान लाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई और पूछताछ में जुट गई है।

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