जयपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने राजस्थान से मौजूदा राज्यसभा सांसद नीरज डांगी को एक बार फिर उम्मीदवार बनाकर उन पर भरोसा जताया है। उम्मीदवार घोषित होने के साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है, जबकि प्रदेश की राजनीति में इस फैसले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नीरज डांगी को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने पर बधाई दी है। डोटासरा ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत राज्यसभा चुनाव के लिए नामित सभी उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष लगातार जारी है।
नीरज डांगी का ढाई दशक का सफर
नीरज डांगी कांग्रेस संगठन का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सांसद होने के साथ-साथ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। कांग्रेस में उनका राजनीतिक सफर करीब ढाई दशक पुराना माना जाता है और इस दौरान उन्होंने संगठन के विभिन्न स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई है।
पिता देसूरी सीट से कई बार विधायक रहे
4 नवंबर 1970 को जन्मे नीरज डांगी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय दिनेश डांगी राजस्थान की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं और लंबे समय तक पाली जिले की देसूरी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। राजनीतिक विरासत के साथ नीरज डांगी ने भी संगठन में अपनी अलग पहचान बनाई है।
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नीरज डांगी निभा चुके कई जिम्मेदारियां
शिक्षा की बात करें तो नीरज डांगी ने कर्नाटक के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। राजनीति में आने के बाद उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ कई चुनावी अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें पर्यवेक्षक और समन्वयक की जिम्मेदारियां भी सौंपी थीं।
कांग्रेस ने दोबारा बनाया उम्मीदवार
वर्ष 2020 में कांग्रेस ने उन्हें पहली बार राजस्थान से राज्यसभा भेजा था। अब पार्टी ने उनके अनुभव और संगठनात्मक योगदान को देखते हुए दूसरी बार भी उन पर भरोसा जताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नीरज डांगी को दोबारा उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस ने संगठन के प्रति समर्पित नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी अनुभव और निरंतर सक्रियता को महत्व देती है। राजस्थान में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं और नीरज डांगी की उम्मीदवारी ने इस मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।


