Chitrakoot Water Crisis:चित्रकूट में जल संकट को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। Indian National Congress ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए Bharatiya Janata Party सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने लिखा—“अमृतकाल का कैसा ये दस्तूर, प्यासा बचपन बाल्टी उठाने को मजबूर!”कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में उन्हें पानी की बाल्टियां ढोनी पड़ रही हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब चित्रकूट जिले से पेयजल संकट की गंभीर तस्वीरें सामने आई हैं।
चित्रकूट में पानी के लिए बच्चों और ग्रामीणों का प्रदर्शन
चित्रकूट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात से परेशान होकर स्थानीय लोगों और बच्चों ने विकास खंड कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया।प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूरी में लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से केवल आश्वासन ही मिले हैं। गांवों में हैंडपंप और जलापूर्ति योजनाएं या तो खराब पड़ी हैं या पर्याप्त पानी नहीं दे पा रही हैं।ग्रामीणों ने कहा कि कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और अब विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
विकास के दावों पर उठे सवाल
कांग्रेस ने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा है कि “कागजों में विकास की नदियां बह रही हैं, लेकिन जमीन पर लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।”वहीं, स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों की नाराजगी और राजनीतिक बयानबाजी के बीच सबसे बड़ी चुनौती अब भी पेयजल संकट ही बना हुआ है।


