एल.जी. अस्पताल में महिला के पित्ताशय से निकली 205 पथरियां

एल.जी. अस्पताल में महिला के पित्ताशय से निकली 205 पथरियां

Ahmedabad: पेट में भारीपन, दाईं ओर लगातार दर्द, उल्टी और मतली जैसी शिकायतों को गैस-एसिडिटी समझकर टालना 35 वर्षीय महिला के लिए गंभीर साबित हो सकता था। महानगरपालिका संचालित एल.जी. अस्पताल में जांच के दौरान चिकित्सकों ने उसके पित्ताशय (गॉल ब्लैडर) में बड़ी संख्या में पथरी होने का पता लगा। ऑपरेशन के बाद पित्ताशय से छोटे-बड़े आकार की कुल 205 पथरियां निकलीं।अस्पताल के सर्जरी विभाग के चिकित्सक डॉ. तपन शाह ने बताया कि महिला लंबे समय से पेट दर्द से परेशान थी।

वह सामान्य गैस-एसिडिटी मानकर मेडिकल स्टोर से दवाएं लेकर काम चला रही थी। दर्द बढ़ने पर उसे अस्पताल लाया गया, जहां जांच में पित्ताशय में अनेक पथरी की पुष्टि हुई। इसके बाद उसे भर्ती कर ऑपरेशन किया गया।डॉ. शाह के अनुसार सर्जरी के दौरान पित्ताशय अत्यधिक फूला हुआ मिला और पित्त नली भी सामान्य से बड़ी हो गई थी। समय पर उपचार नहीं मिलता तो मरीज को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता था। यह ऑपरेशन विभागाध्यक्ष डॉ. असित पटेल के मार्गदर्शन में डॉ. तपन शाह, डॉ. पार्थ पटेल और डॉ. रिद्धि ने एनेस्थीसिया विभाग की टीम के सहयोग से किया।

भारत में 4 से 10 प्रतिशत लोगों में पित्ताशय की पथरी की समस्या

डॉ. शाह ने बताया कि एल.जी. अस्पताल में पित्ताशय की पथरी के 60 से 70 ऑपरेशन प्रतिमाह किए जाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार भारत में 4 से 10 प्रतिशत लोगों में पित्ताशय की पथरी की समस्या होती है, जबकि गुजरात में इसकी अनुमानित दर 7.4 प्रतिशत है। इनमें से कुछ को इस तरह की नौबत आ सकती है।

इसलिए बनती है पित्ताशय में पथरी

चिकित्सकों के अनुसार पित्त रस में कोलेस्ट्रॉल, पिगमेंट या अन्य तत्वों का संतुलन बिगड़ने पर धीरे-धीरे पथरी बनने लगती है। महिलाओं में इसका खतरा अपेक्षाकृत अधिक होता है। मोटापा, गर्भावस्था, मधुमेह, तेजी से वजन घटना, पारिवारिक इतिहास, तैलीय और जंक फूड का अधिक सेवन, बढ़ती उम्र तथा लंबे समय तक उपवास इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। यदि पथरी मुख्य पित्त नली में फंस जाए तो पीलिया या गंभीर संक्रमण की आशंका भी रहती है।

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