Son Kills Father Amroha: यूपी के अमरोहा जिले के नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गजस्थल गांव में एक सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक बेटे ने अपने ही पिता की हत्या की ऐसी साजिश रची, जिसने परिवार और गांव दोनों को हैरान कर दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि टेंट कारोबारी और आम के बागों के ठेकेदार रईस अहमद की हत्या उनके मंझले बेटे अयान ने अपने दो दोस्तों दीपांशु और दीपक के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया है।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, मृतक रईस अहमद (52) गांव के एक सम्मानित कारोबारी थे। वह टेंट व्यवसाय के साथ-साथ आम की फसल खरीदने और बेचने का कार्य भी करते थे। परिवार में उनकी पत्नी शाहजहां उर्फ साजो और तीन बेटे हैं। प्रारंभिक जांच और आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि अयान अपने पिता के कथित व्यवहार और उत्पीड़न से काफी समय से परेशान था। इसी नाराजगी ने धीरे-धीरे हत्या जैसी खौफनाक साजिश का रूप ले लिया।
आम के बाग में सोने गए थे रईस अहमद
रईस अहमद ने गांव निवासी रणवीर यादव का आम का बाग ठेके पर लिया हुआ था। आम के मौसम के चलते वह अक्सर बाग में ही रुककर उसकी देखरेख करते थे। एक जून की रात भी वह आम के बाग में सोने के लिए गए थे। परिवार को यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि यह रात उनकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी।
सोते समय सिर में मारी गई गोली
पुलिस जांच में सामने आया कि अयान ने अपने दोस्तों दीपांशु और दीपक के साथ मिलकर हत्या की पूरी योजना बनाई थी। आरोप है कि रात के समय जब रईस अहमद बाग में सो रहे थे, तब उन पर हमला किया गया। हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए और काफी देर तक वहीं पड़े रहे।
सुबह चाय लेकर पहुंची पत्नी तो उड़ गए होश
अगली सुबह जब शाहजहां उर्फ साजो अपने पति के लिए चाय लेकर बाग में पहुंचीं तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रईस अहमद खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े थे और उनके सिर से लगातार खून बह रहा था। पत्नी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल कारोबारी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
जिला अस्पताल से मेरठ किया गया था रेफर
गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने रईस अहमद को बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। परिजनों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद परिवार में मातम छा गया।
भाई की तहरीर पर दर्ज हुई हत्या की रिपोर्ट
रईस अहमद की मौत के बाद उनके भाई सलीम अहमद ने नौगावां सादात थाने में तहरीर देकर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में अयान, दीपांशु और दीपक को नामजद किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और कई अहम सुराग जुटाए।
72 घंटे में पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
अमरोहा पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल की जांच और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर तेजी से कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले जिन्होंने सीधे अयान और उसके दोस्तों की ओर इशारा किया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पूरे हत्याकांड का खुलासा हो गया।
हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया 12 बोर का तमंचा भी बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल
पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।


