दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे ‘बी एंड बी’ होटल में हुए अग्निकांड में बोकारो की श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि की मौत हो गई। वो जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली की रहने वाली थी। गुरुवार को उसका पार्थिव शरीर पैतृक आवास लाया गया, जिससे परिवार और स्थानीय लोग शोक में डूब गए। घर की इकलौती बेटी थी श्रुतिका श्रुतिका, रमेश कुमार बरनवाल की इकलौती पुत्री थीं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम (2024-2026) की छात्रा थी। वह अक्सर प्रोजेक्ट जमा करने के लिए मुंबई से दिल्ली आया करती थी। इस बार श्रुतिका राविवर को दिल्ली आई थी और बुधवार को उसकी ट्रेन से वापसी की टिकट थी। घटना 3 जून की सुबह की है, जब श्रुतिका अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं। इसी दौरान होटल में आग लग गई। आग लगने से अफरातफरी मच गई और श्रुतिका ने अपनी मां से मदद के लिए गुहार लगाई। बातचीत के दौरान उसका मोबाइल गिर गया और कॉल कट हो गया, जिसके बाद उससे संपर्क टूट गया। मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली परिजनों ने दिल्ली के एम्स, सफदरजंग और अन्य निजी अस्पतालों में श्रुतिका की तलाश की। बाद में उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। कुछ देर बाद श्रुतिका की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, आग की लपटें तेजी से नीचे से ऊपर की ओर फैलीं और तीसरे फ्लोर तक पहुंच गईं, जिससे श्रुतिका को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। शव की पहचान में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे ‘बी एंड बी’ होटल में हुए अग्निकांड में बोकारो की श्रुतिका बरनवाल उर्फ सुरभि की मौत हो गई। वो जैनामोड़ पोस्ट ऑफिस गली की रहने वाली थी। गुरुवार को उसका पार्थिव शरीर पैतृक आवास लाया गया, जिससे परिवार और स्थानीय लोग शोक में डूब गए। घर की इकलौती बेटी थी श्रुतिका श्रुतिका, रमेश कुमार बरनवाल की इकलौती पुत्री थीं। वह टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई के स्कूल ऑफ हैबिटेट स्टडीज में वाटर पॉलिसी एंड गवर्नेंस प्रोग्राम (2024-2026) की छात्रा थी। वह अक्सर प्रोजेक्ट जमा करने के लिए मुंबई से दिल्ली आया करती थी। इस बार श्रुतिका राविवर को दिल्ली आई थी और बुधवार को उसकी ट्रेन से वापसी की टिकट थी। घटना 3 जून की सुबह की है, जब श्रुतिका अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं। इसी दौरान होटल में आग लग गई। आग लगने से अफरातफरी मच गई और श्रुतिका ने अपनी मां से मदद के लिए गुहार लगाई। बातचीत के दौरान उसका मोबाइल गिर गया और कॉल कट हो गया, जिसके बाद उससे संपर्क टूट गया। मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली परिजनों ने दिल्ली के एम्स, सफदरजंग और अन्य निजी अस्पतालों में श्रुतिका की तलाश की। बाद में उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, लेकिन तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी। कुछ देर बाद श्रुतिका की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, आग की लपटें तेजी से नीचे से ऊपर की ओर फैलीं और तीसरे फ्लोर तक पहुंच गईं, जिससे श्रुतिका को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। शव की पहचान में काफी मशक्कत करनी पड़ी।


