बच्ची की मौत पर किशनगंज में कैंडल मार्च:परिजन बोले- हमें सच चाहिए, हमें न्याय चाहिए; चार फीट पानी में डूबना संभव नहीं

बच्ची की मौत पर किशनगंज में कैंडल मार्च:परिजन बोले- हमें सच चाहिए, हमें न्याय चाहिए; चार फीट पानी में डूबना संभव नहीं

किशनगंज शहर की सड़कों पर बुधवार शाम दर्द, आक्रोश और इंसाफ की मांग एक साथ दिखाई दी। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए दर्जनों लोग 13 वर्षीय बच्ची को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने कैंडल मार्च निकालकर बच्ची की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि बच्ची के लापता होने के बाद यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती और प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। 28 मई से लापता थी होटल कारोबारी की बेटी जानकारी के अनुसार, होटल कारोबारी की 13 वर्षीय बेटी 28 मई से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद उसका शव नदी किनारे मिला। बच्ची की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे शहर में शोक का माहौल फैल गया। परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी इस घटना से आहत हैं। लोगों का कहना है कि एक मासूम बच्ची की मौत से जुड़े हर सवाल का जवाब सामने आना चाहिए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण डूबना बताया गया है। एसडीपीओ खुसरो सिराज ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण पानी में डूबना पाया गया है। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, बच्ची के परिजन इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और कई सवाल उठा रहे हैं। मां ने उठाए सवाल- ‘मेरी बेटी डूब नहीं सकती’ बच्ची की मां की आंखों में अब भी कई सवाल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की मौत सिर्फ डूबने से नहीं हुई है। मां ने सवाल उठाते हुए कहा, “जिस जगह शव मिला, वहां पानी की गहराई करीब चार फीट थी। मेरी बेटी की लंबाई उससे ज्यादा थी। उसके सिर के बाल भी शव से कुछ दूरी पर मिले हैं। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है?” परिजनों का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। शहर में उठ रही निष्पक्ष जांच की मांग कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जाए। बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी को जोड़ा जाए। लोगों का कहना था कि किसी भी तरह की लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हत्या की आशंका पर भी चर्चा, जांच जारी घटना के बाद शहर में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग बच्ची के साथ किसी तरह की बर्बरता की बात कह रहे हैं। हालांकि, इन दावों की अब तक किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। मोमबत्तियों की रोशनी में गूंजा एक सवाल- सच क्या है? कैंडल मार्च के दौरान लोगों के हाथों में जलती मोमबत्तियां थीं और जुबान पर एक ही मांग थी- “हमें सच चाहिए, हमें न्याय चाहिए।” शहर की सड़कों पर उमड़ी भीड़ केवल एक बच्ची के लिए इंसाफ नहीं मांग रही थी, बल्कि उन सवालों के जवाब भी तलाश रही थी जो उसकी मौत के बाद खड़े हुए हैं। एक मां की पीड़ा, परिवार का इंतजार और लोगों का आक्रोश अब न्याय की उम्मीद में बदल चुका है। लोगों को भरोसा है कि जांच के बाद बच्ची की मौत की असली वजह सामने आएगी। किशनगंज शहर की सड़कों पर बुधवार शाम दर्द, आक्रोश और इंसाफ की मांग एक साथ दिखाई दी। हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए दर्जनों लोग 13 वर्षीय बच्ची को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने कैंडल मार्च निकालकर बच्ची की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि बच्ची के लापता होने के बाद यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती और प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। 28 मई से लापता थी होटल कारोबारी की बेटी जानकारी के अनुसार, होटल कारोबारी की 13 वर्षीय बेटी 28 मई से लापता थी। काफी खोजबीन के बाद उसका शव नदी किनारे मिला। बच्ची की मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे शहर में शोक का माहौल फैल गया। परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोग भी इस घटना से आहत हैं। लोगों का कहना है कि एक मासूम बच्ची की मौत से जुड़े हर सवाल का जवाब सामने आना चाहिए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की बात पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची की मौत का कारण डूबना बताया गया है। एसडीपीओ खुसरो सिराज ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण पानी में डूबना पाया गया है। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, बच्ची के परिजन इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और कई सवाल उठा रहे हैं। मां ने उठाए सवाल- ‘मेरी बेटी डूब नहीं सकती’ बच्ची की मां की आंखों में अब भी कई सवाल हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की मौत सिर्फ डूबने से नहीं हुई है। मां ने सवाल उठाते हुए कहा, “जिस जगह शव मिला, वहां पानी की गहराई करीब चार फीट थी। मेरी बेटी की लंबाई उससे ज्यादा थी। उसके सिर के बाल भी शव से कुछ दूरी पर मिले हैं। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है?” परिजनों का कहना है कि घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए। शहर में उठ रही निष्पक्ष जांच की मांग कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि यह केवल एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय है। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच की जाए। बच्ची के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी कड़ी को जोड़ा जाए। लोगों का कहना था कि किसी भी तरह की लापरवाही हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हत्या की आशंका पर भी चर्चा, जांच जारी घटना के बाद शहर में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग बच्ची के साथ किसी तरह की बर्बरता की बात कह रहे हैं। हालांकि, इन दावों की अब तक किसी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। मोमबत्तियों की रोशनी में गूंजा एक सवाल- सच क्या है? कैंडल मार्च के दौरान लोगों के हाथों में जलती मोमबत्तियां थीं और जुबान पर एक ही मांग थी- “हमें सच चाहिए, हमें न्याय चाहिए।” शहर की सड़कों पर उमड़ी भीड़ केवल एक बच्ची के लिए इंसाफ नहीं मांग रही थी, बल्कि उन सवालों के जवाब भी तलाश रही थी जो उसकी मौत के बाद खड़े हुए हैं। एक मां की पीड़ा, परिवार का इंतजार और लोगों का आक्रोश अब न्याय की उम्मीद में बदल चुका है। लोगों को भरोसा है कि जांच के बाद बच्ची की मौत की असली वजह सामने आएगी।  

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