नवादा के अकबरपुर प्रखंड के डिरी गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय बच्चे की सांप के डसने से मौत हो गई। घर में बिस्तर पर सो रहे बच्चे को जहरीले कोबरा सांप ने पैर में डस लिया। परिजन आनन-फानन में उसे लेकर नवादा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक इलाज कर बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक की पहचान डिरी गांव निवासी अरविंद चौधरी के 10 साल के बेटे कृशू कुमार के रूप में हुई है। वह अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रात में अचानक आई बच्चे की चीख, परिजनों के उड़े होश परिजनों के अनुसार, घटना देर रात की है। कृशू कुमार अपने घर के कमरे में बिस्तर पर सो रहा था। उस समय परिवार के अन्य सदस्य बिस्तर पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान अचानक बच्चे के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे की ओर दौड़े। जब परिजनों ने बच्चे से पूछा तो उसने बताया कि उसे सांप ने पैर में काट लिया है। बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिवार के लोग घबरा गए और बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने एक घंटे तक किया इलाज सदर अस्पताल पहुंचने तक बच्चे की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने के लिए लगातार प्रयास किया। बताया गया कि करीब एक घंटे तक इलाज चला और बच्चे को 18 बार एंटी स्नेक वैक्सीन (सांप के जहर की वैक्सीन) दी गई। इसके बावजूद बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिवार वालों में चीख-पुकार मच गई। कमरे में मिला कोबरा, गुस्से में लोगों ने मार डाला घटना के बाद परिवार के अन्य सदस्य यह पता लगाने के लिए कमरे में गए कि सांप कहां है। इसी दौरान उनकी नजर एक कोबरा सांप पर पड़ी। जहरीले कोबरा को देखकर घर के लोग डर गए। सांप कमरे में इधर-उधर भागने लगा। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने मिलकर किसी तरह सांप को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में उसे मार दिया गया। परिजन मरे हुए कोबरा सांप को लेकर अस्पताल भी पहुंचे, ताकि डॉक्टरों को सांप की पहचान करने में मदद मिल सके। जहरीले सांप को देखकर लोग भी रह गए हैरान अस्पताल में जब मरे हुए कोबरा को लाया गया तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। लोगों ने बताया कि सांप काफी जहरीला था। स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में गर्मी और बारिश के मौसम में अक्सर सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। रात के समय विशेष सावधानी की जरूरत होती है। घर का सबसे बड़ा बेटा था कृशू परिजनों ने बताया कि कृशू कुमार परिवार का सबसे बड़ा पुत्र था। उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप अपने बच्चे को खोने के गम में बेसुध हैं। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि कृशू काफी सामान्य और मिलनसार बच्चा था। उसकी मौत की खबर से पूरे गांव के लोग दुखी हैं। सावधानी बरतने की जरूरत ग्रामीण इलाकों में अक्सर रात के समय सांप के निकलने की घटनाएं होती हैं। ऐसे में लोगों को सोने से पहले बिस्तर और आसपास की जगहों की जांच करने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है। झाड़-फूंक या देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। डिरी गांव की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। नवादा के अकबरपुर प्रखंड के डिरी गांव में देर रात एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय बच्चे की सांप के डसने से मौत हो गई। घर में बिस्तर पर सो रहे बच्चे को जहरीले कोबरा सांप ने पैर में डस लिया। परिजन आनन-फानन में उसे लेकर नवादा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने करीब एक घंटे तक इलाज कर बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक की पहचान डिरी गांव निवासी अरविंद चौधरी के 10 साल के बेटे कृशू कुमार के रूप में हुई है। वह अपने घर का सबसे बड़ा बेटा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रात में अचानक आई बच्चे की चीख, परिजनों के उड़े होश परिजनों के अनुसार, घटना देर रात की है। कृशू कुमार अपने घर के कमरे में बिस्तर पर सो रहा था। उस समय परिवार के अन्य सदस्य बिस्तर पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान अचानक बच्चे के रोने और चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे की ओर दौड़े। जब परिजनों ने बच्चे से पूछा तो उसने बताया कि उसे सांप ने पैर में काट लिया है। बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिवार के लोग घबरा गए और बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए नवादा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने एक घंटे तक किया इलाज सदर अस्पताल पहुंचने तक बच्चे की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने के लिए लगातार प्रयास किया। बताया गया कि करीब एक घंटे तक इलाज चला और बच्चे को 18 बार एंटी स्नेक वैक्सीन (सांप के जहर की वैक्सीन) दी गई। इसके बावजूद बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिवार वालों में चीख-पुकार मच गई। कमरे में मिला कोबरा, गुस्से में लोगों ने मार डाला घटना के बाद परिवार के अन्य सदस्य यह पता लगाने के लिए कमरे में गए कि सांप कहां है। इसी दौरान उनकी नजर एक कोबरा सांप पर पड़ी। जहरीले कोबरा को देखकर घर के लोग डर गए। सांप कमरे में इधर-उधर भागने लगा। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने मिलकर किसी तरह सांप को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में उसे मार दिया गया। परिजन मरे हुए कोबरा सांप को लेकर अस्पताल भी पहुंचे, ताकि डॉक्टरों को सांप की पहचान करने में मदद मिल सके। जहरीले सांप को देखकर लोग भी रह गए हैरान अस्पताल में जब मरे हुए कोबरा को लाया गया तो वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। लोगों ने बताया कि सांप काफी जहरीला था। स्थानीय लोगों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में गर्मी और बारिश के मौसम में अक्सर सांप निकलने की घटनाएं सामने आती हैं। रात के समय विशेष सावधानी की जरूरत होती है। घर का सबसे बड़ा बेटा था कृशू परिजनों ने बताया कि कृशू कुमार परिवार का सबसे बड़ा पुत्र था। उसकी अचानक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां-बाप अपने बच्चे को खोने के गम में बेसुध हैं। गांव में भी इस घटना के बाद शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि कृशू काफी सामान्य और मिलनसार बच्चा था। उसकी मौत की खबर से पूरे गांव के लोग दुखी हैं। सावधानी बरतने की जरूरत ग्रामीण इलाकों में अक्सर रात के समय सांप के निकलने की घटनाएं होती हैं। ऐसे में लोगों को सोने से पहले बिस्तर और आसपास की जगहों की जांच करने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार सांप के काटने के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचना जरूरी है। झाड़-फूंक या देरी करने से स्थिति गंभीर हो सकती है। डिरी गांव की इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।


